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दिल्ली-एनसीआर
रोहिणी में नकली तंबाकू रैकेट पकड़ा, सप्लायर गिरफ्तार
Ratna Netam
19 Sept 2026 3:50 PM IST

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने रोहिणी इलाके में नकली तंबाकू उत्पादों की कथित सप्लाई से जुड़े मामले का खुलासा करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से **Gold Flake ब्रांड नाम वाली करीब 1 लाख 20 हजार नकली सिगरेट** बरामद की गई हैं। बरामद सिगरेट की अनुमानित बाजार कीमत करीब **15 लाख रुपये** बताई गई है। मामले में प्रशांत विहार थाने में कॉपीराइट एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान **32 वर्षीय अकरम** के रूप में हुई है, जो दिल्ली के बाबरपुर इलाके का रहने वाला है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली सिगरेट कहां तैयार की जा रही थीं, इन्हें किससे हासिल किया गया था और आगे किन इलाकों या कारोबारियों तक पहुंचाया जाना था।
जापानी पार्क के पास बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार 16 सितंबर 2026 को रोहिणी जिले की नारकोटिक्स स्टाफ टीम को प्रशांत विहार थाना क्षेत्र में नकली सिगरेट की आवाजाही के संबंध में सूचना मिली थी।इस सूचना के बाद टीम ने रोहिणी सेक्टर-10 स्थित **जापानी पार्क के पास जाल बिछाया**। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को वहां रोका और उसकी तलाशी ली।पुलिस टीम में एसआई अशोक तोमर, हेड कांस्टेबल युधबीर और धरमबीर शामिल थे। कार्रवाई इंस्पेक्टर राकेश के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशंस अजमेर सिंह की निगरानी में की गई।
पांच प्लास्टिक कट्टों में मिली सिगरेट
पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास पांच प्लास्टिक के कट्टे मिले। उनकी जांच करने पर अंदर 10 कार्टन रखे पाए गए। इन कार्टनों पर Gold Flake और ITC Ltd. से संबंधित ब्रांडिंग होने की बात पुलिस ने कही है।जांच में इन कार्टनों से कुल करीब **1,20,000 सिगरेट** बरामद हुईं। पुलिस का दावा है कि ये सिगरेट नकली हैं और इन पर कंपनी के ब्रांड नाम का कथित तौर पर अनधिकृत इस्तेमाल किया गया था।बरामद सामान की अनुमानित बाजार कीमत करीब **15 लाख रुपये** आंकी गई है।यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि बरामद उत्पादों को नकली बताने का दावा फिलहाल दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और प्रेस रिलीज पर आधारित है। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
कॉपीराइट एक्ट में केस दर्ज
बरामदगी के बाद प्रशांत विहार पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ **कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65** के तहत मामला दर्ज किया गया है।धारा 63 कॉपीराइट के जानबूझकर उल्लंघन या उसमें सहायता करने से संबंधित अपराधों के लिए सजा का प्रावधान करती है। वहीं धारा 65 कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली प्रतियां तैयार करने के उद्देश्य से इस्तेमाल की जाने वाली प्लेट या उपकरण से जुड़े मामलों से संबंधित है।पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी की भूमिका केवल सामान पहुंचाने तक सीमित थी या वह नकली सिगरेट के बड़े सप्लाई नेटवर्क से भी सीधे जुड़ा हुआ था।
बड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिस
पुलिस के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल इस खेप के स्रोत और गंतव्य का पता लगाना है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर सप्लाई चेन से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इतनी बड़ी संख्या में कथित नकली सिगरेट कहां से आईं। साथ ही इन्हें दिल्ली में ही बेचा जाना था या दूसरे राज्यों अथवा शहरों में भेजा जाना था।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि आरोपी पहले कितनी खेप सप्लाई कर चुका है और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। हालांकि इन बिंदुओं पर जांच के नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं।
असली ब्रांड जैसा दिखाकर बिक्री की आशंका
नकली ब्रांडेड उत्पादों के मामलों में आमतौर पर असली कंपनी के नाम, पैकेजिंग और डिजाइन से मिलते-जुलते सामान का इस्तेमाल किया जाता है। इससे ग्राहक के लिए असली और नकली उत्पाद में अंतर करना मुश्किल हो सकता है।इस मामले में पुलिस का दावा है कि बरामद सिगरेट पर Gold Flake और ITC Ltd. से संबंधित ब्रांडिंग थी। अब जांच के जरिए उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग और वितरण नेटवर्क से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।पुलिस यह भी जांच करेगी कि बरामद खेप को बाजार में किस कीमत पर बेचने की योजना थी और सप्लाई नेटवर्क में कितने लोग सक्रिय थे।
15 लाख रुपये बताई गई कीमत
दिल्ली पुलिस ने बरामद करीब 1.20 लाख सिगरेट की अनुमानित बाजार कीमत **15 लाख रुपये** बताई है। इतनी बड़ी मात्रा में सिगरेट की बरामदगी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई में फिलहाल एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है।पुलिस आरोपी के संपर्कों और सप्लाई से संबंधित जानकारी की जांच कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि नेटवर्क किस स्तर पर संचालित हो रहा था।
नकली उत्पादों के खिलाफ अभियान
दिल्ली पुलिस के मुताबिक जिले में नकली सामान के अवैध परिवहन और बिक्री को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान नकली सिगरेट की कथित सप्लाई की सूचना मिली थी।सूचना मिलने के बाद नारकोटिक्स स्टाफ ने कार्रवाई की और जापानी पार्क के आसपास संदिग्ध को पकड़ लिया। इसके बाद उसके कब्जे से पांच कट्टों में रखे 10 कार्टन बरामद किए गए।इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में सिगरेट मिलने के बाद जांच का दायरा सप्लाई नेटवर्क तक बढ़ा दिया गया है।
कहां बन रही थीं नकली सिगरेट?
मामले की जांच में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक निर्माण स्थल का पता लगाना होगा। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित नकली सिगरेट दिल्ली में तैयार की गई थीं या बाहर से यहां लाई गई थीं।यदि निर्माण किसी अन्य स्थान पर हो रहा था तो वहां तक पहुंचने के लिए आरोपी से मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल किया जा सकता है।इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री, कार्टन और सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले माध्यमों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने कथित निर्माण इकाई या मुख्य सप्लायर के बारे में कोई अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
उपभोक्ताओं के लिए भी चिंता
नकली सिगरेट का कारोबार केवल ब्रांड और राजस्व से जुड़ा मामला नहीं है। ऐसे उत्पादों की वास्तविक सामग्री और निर्माण प्रक्रिया के बारे में विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त जोखिम हो सकता है।वैसे तंबाकू उत्पादों और धूम्रपान से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान होने के प्रमाण पहले से स्थापित हैं। नकली उत्पादों के मामले में गुणवत्ता नियंत्रण और उत्पाद की वास्तविक सामग्री को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ जाती है।इसलिए अधिकारियों के लिए नकली तंबाकू उत्पादों की सप्लाई चेन तक पहुंचना महत्वपूर्ण माना जाता है।
आरोपी से पूछताछ जारी
पुलिस ने आरोपी अकरम को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी है। उसके जरिए इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को सिगरेट की खेप किसने दी थी और वह इसे किस व्यक्ति या स्थान पर पहुंचाने जा रहा था। आरोपी के संपर्कों की जांच भी सप्लाई चेन की पहचान में महत्वपूर्ण हो सकती है।हालांकि जांच पूरी होने से पहले आरोपी के कथित नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों की भूमिका के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश
फिलहाल दिल्ली पुलिस के सामने प्राथमिक लक्ष्य कथित नकली सिगरेट की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाना है। 1.20 लाख सिगरेट की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि खेप व्यावसायिक स्तर पर वितरण के लिए हो सकती थी, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि जांच के बाद होगी।पुलिस मामले में उत्पादन, भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है। अगर अन्य आरोपियों या स्थानों की जानकारी सामने आती है तो आगे और बरामदगी तथा गिरफ्तारी संभव है।
फिलहाल प्रशांत विहार थाने में कॉपीराइट एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अकरम के कब्जे से पांच प्लास्टिक कट्टों में रखे 10 कार्टन से करीब **1 लाख 20 हजार कथित नकली Gold Flake सिगरेट** बरामद हुई हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग **15 लाख रुपये** है। अब जांच का फोकस इस कथित नकली सिगरेट नेटवर्क के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर है।
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