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मोदी की पोस्ट विवाद पर मेटा से जवाब तलब, IT मंत्रालय ने की बैठक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले को लेकर केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा के अधिकारियों के साथ बैठक की। बुधवार को मेटा की ग्लोबल टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को रोकने में कथित चूक, महत्वपूर्ण पोस्ट पर गलत कार्रवाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सरकार ने मेटा से यह सुनिश्चित करने को कहा कि ऐसे मामलों में प्लेटफॉर्म अधिक सतर्कता और पारदर्शिता के साथ काम करें।
मेटा की ओर से ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान समेत कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। वहीं, सरकार की ओर से आईटी सचिव एस. कृष्णन और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब 45 मिनट तक चली।
यह बैठक उस विवाद के बाद हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट हटाए जाने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और मेटा से स्पष्टीकरण मांगा था।
सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गलत या हानिकारक सामग्री के बीच संतुलन बनाकर काम करना चाहिए। खासतौर पर सार्वजनिक महत्व से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं से संबंधित सामग्री पर कार्रवाई करते समय अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
बैठक में बच्चों के ऑनलाइन शोषण से जुड़े कंटेंट को लेकर भी चिंता जताई गई। सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट की पहचान कर उसे जल्द हटाएं। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
इसके अलावा, कंटेंट हटाने और अकाउंट से जुड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार ने प्लेटफॉर्म से आग्रह किया कि उपयोगकर्ताओं और संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते समय स्पष्ट नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया जाए।
मेटा दुनिया के प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में शामिल है और भारत में इसके करोड़ों उपयोगकर्ता हैं। ऐसे में सरकार लगातार सोशल मीडिया कंपनियों से स्थानीय कानूनों के पालन और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर देती रही है।
आईटी मंत्रालय पहले भी सोशल मीडिया कंपनियों को ऑनलाइन सुरक्षा, गलत सूचना, आपत्तिजनक सामग्री और उपयोगकर्ता शिकायतों के समाधान को लेकर निर्देश देता रहा है। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारत में काम करते समय देश के कानूनों और नियमों का पालन करना होगा।
वहीं, मेटा की ओर से इस बैठक में सरकार के उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की गई और कंपनी के रुख को अधिकारियों के सामने रखा गया। हालांकि, बैठक में हुई बातचीत के विस्तृत बिंदुओं को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाए जाने का मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर दुनिया भर में बहस चल रही है। सरकार का रुख है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए और किसी भी प्रकार की गलत कार्रवाई से बचना चाहिए।
बैठक के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मेटा अपनी कंटेंट समीक्षा प्रक्रिया में क्या बदलाव करता है और सरकार की चिंताओं को दूर करने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।





