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मैरी कॉम के खिलाफ पूर्व पति पहुंचे कोर्ट मानहानि की शिकायत दर्ज

Ratna Netam
9 Oct 2026 2:31 PM IST
मैरी कॉम के खिलाफ पूर्व पति पहुंचे कोर्ट मानहानि की शिकायत दर्ज
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नई दिल्ली। भारत की मशहूर बॉक्सर मैरी कॉम एक कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में आ गई हैं। उनके पूर्व पति करोंग ओन्खोलर ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मैरी कॉम ने एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान उनके बारे में कथित तौर पर झूठे, दुर्भावनापूर्ण और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयान दिए। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन बयानों का उद्देश्य उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना था। मामला फिलहाल अदालत में लंबित है और इसकी अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह शिकायत 6 अक्टूबर को दिल्ली की साकेत कोर्ट में दाखिल की गई थी। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) शिवम गुप्ता की अदालत में विचाराधीन है। अदालत में फिलहाल प्री-समनिंग साक्ष्य की प्रक्रिया लंबित है। इस चरण में शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया के संबंध में निर्णय ले सकती है।
टीवी इंटरव्यू में दिए गए बयानों को लेकर विवाद
मानहानि की शिकायत का मुख्य आधार मैरी कॉम द्वारा एक टेलीविजन इंटरव्यू में दिए गए कथित बयान हैं। शिकायतकर्ता करोंग ओन्खोलर का आरोप है कि इंटरव्यू के दौरान उनके बारे में ऐसी बातें कही गईं, जो गलत और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली थीं।शिकायत में दावा किया गया है कि ये बयान केवल व्यक्तिगत मतभेदों तक सीमित नहीं थे, बल्कि इनसे शिकायतकर्ता की सामाजिक छवि प्रभावित करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कथित टिप्पणियां जानबूझकर की गई थीं।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इंटरव्यू के दौरान दिए गए सभी कथित बयानों का पूरा विवरण शामिल नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत में किन विशिष्ट टिप्पणियों को मानहानिकारक बताया गया है।यह भी महत्वपूर्ण है कि शिकायत में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और संबंधित पक्षों के साक्ष्यों तथा दलीलों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
6 अक्टूबर को साकेत कोर्ट में दर्ज हुई शिकायत
करोंग ओन्खोलर ने 6 अक्टूबर को दिल्ली की साकेत कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने मैरी कॉम के खिलाफ मानहानि की शिकायत दाखिल करते हुए न्यायिक कार्रवाई की मांग की।मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवम गुप्ता की अदालत में लंबित है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।फिलहाल मामला प्री-समनिंग साक्ष्य के चरण में है। यह आपराधिक शिकायत की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इस दौरान अदालत शिकायतकर्ता के आरोपों और प्रारंभिक साक्ष्यों पर विचार करती है।इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह देखना होता है कि शिकायत के आधार पर आगे कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त कारण मौजूद हैं या नहीं। केवल शिकायत दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप सही पाए गए हैं या संबंधित व्यक्ति को दोषी ठहरा दिया गया है।
2005 में हुई थी मैरी कॉम और करोंग ओन्खोलर की शादी
शिकायतकर्ता करोंग ओन्खोलर ने अपनी शिकायत में मैरी कॉम के साथ अपने वैवाहिक संबंधों का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, दोनों की शादी 12 मार्च 2005 को हुई थी।उन्होंने बताया कि शादी के बाद दोनों फरीदाबाद में साथ रहने लगे थे। शिकायत में उनके वैवाहिक जीवन और बाद में संबंध समाप्त होने का भी उल्लेख किया गया है।करोंग ओन्खोलर के अनुसार, उनकी शादी पारंपरिक प्रथा के तहत समाप्त हुई थी। उन्होंने दावा किया कि वैवाहिक संबंधों को एक प्रचलित पारंपरिक प्रक्रिया के माध्यम से खत्म किया गया।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस पारंपरिक प्रक्रिया की विस्तृत कानूनी स्थिति या उससे संबंधित दस्तावेजों का विवरण नहीं दिया गया है।
शादी खत्म होने के बाद अब अदालत पहुंचा विवाद
मैरी कॉम और करोंग ओन्खोलर के बीच वैवाहिक संबंध समाप्त होने के बाद अब मानहानि की शिकायत सामने आई है। इस शिकायत ने दोनों के बीच विवाद को न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचा दिया है।करोंग ओन्खोलर का कहना है कि टेलीविजन इंटरव्यू में उनके बारे में दिए गए कथित बयानों ने उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित किया। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।मानहानि से जुड़े मामलों में आमतौर पर कथित बयान की प्रकृति, उसका संदर्भ, प्रकाशन या प्रसारण तथा उससे प्रतिष्ठा पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे पहलुओं का महत्व होता है। साथ ही, संबंधित कानून के तहत उपलब्ध बचाव और अपवाद भी विचारणीय होते हैं।इस मामले में भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि, शिकायत की पूरी प्रति और कथित इंटरव्यू का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण आरोपों की सत्यता पर अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
19 नवंबर की सुनवाई पर रहेंगी नजरें
साकेत कोर्ट में 19 नवंबर को होने वाली सुनवाई इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया होगी। अदालत के समक्ष प्री-समनिंग साक्ष्यों से संबंधित कार्यवाही आगे बढ़ सकती है।इस चरण में अदालत यह निर्धारित करेगी कि शिकायत के आधार पर आगे की कार्यवाही के लिए आवश्यक कानूनी आधार मौजूद है या नहीं। अदालत का निर्णय प्रस्तुत सामग्री और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा।अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत के समक्ष कौन-कौन से दस्तावेज, रिकॉर्डिंग या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं अथवा किए जाएंगे।
मैरी कॉम की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में मैरी कॉम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध कराए गए विवरण में शामिल नहीं है। ऐसे में उनके पक्ष या शिकायत में लगाए गए आरोपों पर उनकी स्थिति के बारे में कुछ कहना संभव नहीं है।शिकायतकर्ता ने अपने आरोप अदालत के समक्ष रखे हैं, लेकिन इनकी न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्ष को कानूनी प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना भी महत्वपूर्ण होगा।मैरी कॉम भारतीय मुक्केबाजी की चर्चित हस्तियों में शामिल हैं। खेल जगत में अपनी उपलब्धियों के कारण उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। अब उनके खिलाफ पूर्व पति द्वारा दर्ज कराई गई मानहानि की शिकायत चर्चा का विषय बन गई है। फिलहाल पूरे मामले में अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार है। 19 नवंबर को होने वाली कार्यवाही से यह स्पष्ट हो सकता है कि शिकायत किस दिशा में आगे बढ़ेगी। तब तक करोंग ओन्खोलर की ओर से लगाए गए सभी आरोप केवल आरोप हैं और इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
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