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'हर नागरिक का वोट बराबर', INDIA गठबंधन की रैली में बोले फारूक अब्दुल्ला

Ratna Netam
1 Nov 2026 5:31 PM IST
हर नागरिक का वोट बराबर, INDIA गठबंधन की रैली में बोले फारूक अब्दुल्ला
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने संविधान, लोकतंत्र और मतदान के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा, "यह भारत का संविधान है, हर किसी के पास बराबर वोट है।" अब्दुल्ला ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक के मत की समान अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि संविधान ने सभी पात्र नागरिकों को समान राजनीतिक अधिकार प्रदान किए हैं।फारूक अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब विपक्षी गठबंधन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहा है। रैली में शामिल विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में संविधान को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार बताया। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, सामाजिक पहचान या राजनीतिक प्रभाव के आधार पर अलग-अलग नहीं हो सकता। लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र मतदाता की आवाज समान महत्व रखती है।अब्दुल्ला ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धर्म या समुदाय के आधार पर किसी भारतीय की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा'
फारूक अब्दुल्ला ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर की पहचान और भारत के साथ उसके संबंधों को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा तथा इसे भारत से अलग नहीं किया जा सकता।उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों की देशभक्ति पर सवाल उठाए जाते हैं और उन्हें पाकिस्तानी कहा जाता है।अब्दुल्ला ने कहा कि उनके समुदाय ने भारत के लिए बलिदान दिया है और भविष्य में भी देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे भारतीय हैं और भारतीय ही रहेंगे। उनके इस बयान पर रैली में मौजूद समर्थकों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की।
संविधान की समानता को बताया सबसे बड़ी ताकत
फारूक अब्दुल्ला के भाषण का मुख्य विषय भारतीय संविधान में निहित समानता का सिद्धांत रहा। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों को बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए।
भारत में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की व्यवस्था है। संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले वयस्क नागरिकों को चुनाव में मतदान का अधिकार मिलता है।इस व्यवस्था का मूल सिद्धांत है कि प्रत्येक पात्र मतदाता का एक वोट होता है और उसका मूल्य दूसरे मतदाता के वोट के समान होता है।अब्दुल्ला ने इसी संवैधानिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की विविधता और लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए नागरिकों के समान अधिकारों का सम्मान जरूरी है।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
INDIA गठबंधन की रैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR रहा। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं।कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से अल्पसंख्यक और अन्य समुदायों के मतदाता असमान रूप से प्रभावित हुए हैं।हालांकि, चुनाव आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य अपात्र और दोहरे पंजीकरण हटाना है तथा गलत तरीके से नाम हटाए जाने पर दोबारा पंजीकरण की व्यवस्था उपलब्ध है।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता भी हुए शामिल
रामलीला मैदान की रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने भाग लिया।कार्यक्रम से पहले विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में मार्च भी निकाला। कई नेता एक खुली बस में सवार होकर रामलीला मैदान की ओर बढ़े।रैली में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान को प्रमुखता दी गई। विपक्षी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कमजोर करने का आरोप लगाया।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रैली की आलोचना करते हुए इसे अराजकता पैदा करने की कोशिश बताया। भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जाने चाहिए।इस प्रकार चुनावी पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
सुरक्षा के बीच आयोजित हुई महारैली
दिल्ली पुलिस ने रैली को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।प्रदर्शन स्थल पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। आयोजन के दौरान यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई।समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, रैली में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई गई।
लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता पर दिया संदेश
फारूक अब्दुल्ला का संबोधन रैली के अन्य राजनीतिक भाषणों से अलग संविधान में समानता और राष्ट्रीय पहचान पर विशेष रूप से केंद्रित रहा।उन्होंने एक ओर प्रत्येक पात्र नागरिक के समान मतदान अधिकार की बात कही, तो दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर और मुस्लिम समुदाय की भारतीय पहचान पर जोर दिया।उनके बयान ने यह संदेश सामने रखा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नागरिकों की समानता और देश की संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान आवश्यक है।INDIA गठबंधन की रैली में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए गए सवालों के बीच फारूक अब्दुल्ला ने संविधान और समान मताधिकार को अपने संबोधन का केंद्रीय विषय बनाया।
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