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एस्सार पोर्ट्स ने मारी बाजी कांडला में मिली 2,276 करोड़ की मेगा परियोजना
Ratna Netam
21 Oct 2026 3:01 PM IST

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गुजरात। भारत के समुद्री व्यापार और बंदरगाह बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को एस्सार पोर्ट्स लिमिटेड को टूना टेकरा क्षेत्र में मल्टी-पर्पस कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) जारी किया है। लगभग 2,276.06 करोड़ रुपये की इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इससे बंदरगाह की माल ढुलाई क्षमता बढ़ने और समुद्री व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
30 साल के लिए एस्सार पोर्ट्स को मिली जिम्मेदारी
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, यह परियोजना बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल पर आधारित होगी। इसके तहत एस्सार पोर्ट्स लिमिटेड टर्मिनल का निर्माण करेगी, उसका संचालन करेगी और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद संबंधित बुनियादी ढांचा प्राधिकरण को हस्तांतरित करेगी।परियोजना के लिए 30 वर्षों की रियायती अवधि निर्धारित की गई है। इस दौरान कंपनी को टर्मिनल के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। यह व्यवस्था सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनाई गई है।
वैश्विक बोली प्रक्रिया में एस्सार पोर्ट्स ने मारी बाजी
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी ने इस परियोजना के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया आयोजित की थी। इसमें एस्सार पोर्ट्स लिमिटेड सबसे अधिक वित्तीय बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में सामने आई।कंपनी ने प्राधिकरण को प्रत्येक टन माल की हैंडलिंग पर 61 रुपये की रॉयल्टी देने की पेशकश की है। इसी वित्तीय प्रस्ताव के आधार पर कंपनी को परियोजना आवंटित की गई है।इस व्यवस्था से पोर्ट अथॉरिटी को कार्गो हैंडलिंग के आधार पर राजस्व प्राप्त होगा। वहीं निजी क्षेत्र की भागीदारी से आधुनिक तकनीक और बेहतर संचालन व्यवस्था विकसित करने में सहायता मिलने की संभावना है।
टूना टेकरा में विकसित होगा आधुनिक टर्मिनल
नया मल्टी-पर्पस कार्गो टर्मिनल टूना टेकरा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यह उस मेगा कंटेनर टर्मिनल के पूर्वी हिस्से में स्थित होगा, जिसे डीपी वर्ल्ड सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित कर रही है।टूना टेकरा क्षेत्र कच्छ की खाड़ी में स्थित है और समुद्री व्यापार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बंदरगाह सुविधाओं के विस्तार से बड़े जहाजों के जरिए माल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।सरकार ने इससे पहले भी टूना टेकरा में मल्टी-पर्पस कार्गो बर्थ और कंटेनर टर्मिनल विकसित करने की योजनाओं को मंजूरी दी थी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले समुद्री व्यापार को संभालने के लिए पर्याप्त सुविधाएं तैयार करना है।
आयात-निर्यात और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा फायदा
नए कार्गो टर्मिनल के विकसित होने से कांडला बंदरगाह पर माल की लोडिंग और अनलोडिंग सुविधाओं में सुधार होने की संभावना है। इससे व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार के साथ माल परिवहन में लगने वाले समय को कम करने में सहायता मिल सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक बंदरगाह सुविधाएं किसी भी देश के आयात-निर्यात कारोबार के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। बेहतर समुद्री संपर्क से उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलती है।यह परियोजना गुजरात के साथ-साथ उत्तर और मध्य भारत के उन औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है, जो समुद्री व्यापार के लिए कांडला बंदरगाह पर निर्भर हैं।
रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाएं
कार्गो टर्मिनल के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। निर्माण कार्य, तकनीकी सेवाओं, माल परिवहन, भंडारण और लॉजिस्टिक्स से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को इस परियोजना का लाभ मिल सकता है।इसके अतिरिक्त बंदरगाह की क्षमता बढ़ने से आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
समुद्री बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती
भारत सरकार बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और समुद्री परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर लगातार जोर दे रही है। इसी क्रम में टूना टेकरा की नई परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।एस्सार पोर्ट्स को लेटर ऑफ अवार्ड जारी होने के बाद अब परियोजना के अगले चरणों को आगे बढ़ाया जाएगा। टर्मिनल के पूरा होने पर दीनदयाल बंदरगाह की कार्गो हैंडलिंग क्षमता और व्यापारिक उपयोगिता बढ़ने की उम्मीद है।
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