- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- भारत की ओलिंपिक...
दिल्ली-एनसीआर
भारत की ओलिंपिक दावेदारी के समर्थन में आया इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड
nidhi
9 Aug 2026 7:44 AM IST

x
भारत भविष्य में ओलिंपिक की मेजबानी हासिल करता है, तो यह देश के खेल इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर होगा।
नई दिल्ली : इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गाउल्ड ने भारत की ओलिंपिक मेजबानी की दावेदारी का समर्थन करने की बात कही है। उन्होंने संकेत दिया कि क्रिकेट की वैश्विक लोकप्रियता और भारत की खेल आयोजन क्षमता को देखते हुए भारत की ओलिंपिक महत्वाकांक्षा को समर्थन मिलना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत भविष्य में ओलिंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बड़े खेल आयोजनों के सफल आयोजन का अनुभव है और देश लंबे समय से ओलिंपिक की मेजबानी की इच्छा जताता रहा है।
ECB के समर्थन का क्या है महत्व?
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड का समर्थन भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है। इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली देशों में शामिल है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी भूमिका अहम है। अगर क्रिकेट से जुड़े प्रमुख देश भारत की ओलिंपिक दावेदारी के पक्ष में आते हैं, तो इससे भारत के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में मजबूती मिल सकती है। रिचर्ड गाउल्ड का बयान क्रिकेट और ओलिंपिक के बीच बढ़ते संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। क्रिकेट को ओलिंपिक कार्यक्रम में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
भारत की ओलिंपिक मेजबानी की तैयारी
भारत ने कई मौकों पर भविष्य में ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करने की इच्छा जाहिर की है। देश में बड़े स्टेडियम, आधुनिक परिवहन व्यवस्था, होटल और खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ इस दिशा में आधार तैयार किया जा रहा है। भारत पहले एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और क्रिकेट विश्व कप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी कर चुका है। इन आयोजनों का अनुभव ओलिंपिक जैसे विशाल आयोजन के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
क्रिकेट को भी मिल सकता है फायदा
ओलिंपिक में क्रिकेट की वापसी से इस खेल को नए बाजारों में पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है। क्रिकेट की लोकप्रियता भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण एशिया के कई देशों में पहले से बेहद मजबूत है। भारत में ओलिंपिक आयोजित होने की स्थिति में क्रिकेट को लेकर दर्शकों और प्रायोजकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है। वहीं भारतीय क्रिकेट की विशाल फैन फॉलोइंग ओलिंपिक क्रिकेट को भी बड़ा दर्शक वर्ग उपलब्ध करा सकती है।
भारत के खेल ढांचे की परीक्षा
ओलिंपिक की मेजबानी केवल क्रिकेट या किसी एक खेल तक सीमित नहीं होती। इसमें दर्जनों खेलों के लिए विश्वस्तरीय स्टेडियम, खिलाड़ियों के गांव, परिवहन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और तकनीकी व्यवस्था तैयार करनी होती है। भारत की दावेदारी को मजबूत बनाने के लिए इन सभी क्षेत्रों में लंबे समय तक निवेश और बेहतर योजना की जरूरत होगी।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन क्यों जरूरी?
ओलिंपिक की मेजबानी हासिल करने के लिए केवल घरेलू तैयारियां पर्याप्त नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों और ओलिंपिक से जुड़े हितधारकों का विश्वास भी जरूरी होता है। ऐसे में इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड जैसे प्रमुख खेल संगठन की ओर से सकारात्मक संकेत भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल कूटनीति के लिए अहम हो सकते हैं। भारत के लिए यह समर्थन केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। यह देश की खेल आयोजन क्षमता और वैश्विक खेल मंच पर बढ़ते प्रभाव का संकेत भी हो सकता है।
Next Story





