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Center of Excellence से बढ़ेंगे रोजगार के मौके

Kanchan Paikara
27 Jun 2026 6:55 PM IST
Center of Excellence से बढ़ेंगे रोजगार के मौके
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New Delhi नई दिल्ली :देश में कौशल विकास को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार अब स्किल ट्रेनिंग सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। पिछले 12 वर्षों से चल रहे कौशल विकास प्रयासों के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण सरकार योजनाओं और नीतियों में लगातार बदलाव कर रही है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने अब देशभर में स्थायी कौशल प्रशिक्षण केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) और वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर (Vocational Training Centre) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसका उद्देश्य युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देना और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार उनके कौशल को तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि मौजूदा कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था में कई चुनौतियां हैं। इनमें अस्थायी प्रशिक्षण केंद्रों की समस्या, प्रशिक्षण की गुणवत्ता में अंतर और उद्योगों की मांग के अनुसार उम्मीदवारों के कौशल का मेल न बैठ पाना प्रमुख हैं।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए स्थायी प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्ताव के तहत ऐसे केंद्र तैयार किए जाएंगे जहां युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे।
कौशल विकास मंत्रालय का लक्ष्य है कि प्रशिक्षण प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी और रोजगार केंद्रित बनाया जाए। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों में बेहतर सुविधाएं, अनुभवी प्रशिक्षक और उद्योगों के साथ तालमेल बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बड़ी संख्या में युवा हर साल रोजगार बाजार में प्रवेश करते हैं, लेकिन कई बार उनके पास उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कौशल नहीं होता। इस वजह से नौकरी के अवसरों और उपलब्ध प्रतिभा के बीच अंतर पैदा होता है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मॉडल के जरिए इस अंतर को कम करने की कोशिश की जाएगी। इन केंद्रों में युवाओं को सिर्फ पारंपरिक कौशल ही नहीं, बल्कि नई तकनीक, डिजिटल स्किल, मशीनरी संचालन और बदलते उद्योगों से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जाने की योजना है।
सरकार का फोकस यह भी है कि कौशल प्रशिक्षण को लंबे समय तक चलने वाली व्यवस्था बनाया जाए, ताकि युवाओं को बार-बार नए प्रशिक्षण केंद्रों पर निर्भर न रहना पड़े। स्थायी संस्थानों के जरिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निगरानी दोनों को बेहतर किया जा सकेगा।
देश में रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल विकास को अहम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर स्किल ट्रेनिंग से युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर मिल सकते हैं और उद्योगों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
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