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BRICS बैठक में शिक्षा सुधार पर जोर, जोशी बोले- इनोवेशन जरूरी

Kavita2
7 Aug 2026 5:45 PM IST
BRICS बैठक में शिक्षा सुधार पर जोर, जोशी बोले- इनोवेशन जरूरी
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नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए शिक्षा प्रणालियों में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को प्राथमिकता देनी होगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल पारंपरिक ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसे बदलती तकनीक, रोजगार की नई जरूरतों और वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप विकसित करना जरूरी है।

प्रह्लाद जोशी 13वीं BRICS शिक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।




BRICS अध्यक्षता की थीम पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस वर्ष भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम “सहयोग और स्थिरता के लिए लचीलापन और इनोवेशन को बढ़ावा देना” है। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल वैश्विक सहयोग के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को ऐसा बनाया जाना चाहिए, जो विद्यार्थियों को तेजी से बदलती दुनिया में अवसरों का लाभ उठाने और चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बना सके।




जोशी ने कहा कि लचीली और नवाचार आधारित शिक्षा व्यवस्था ही आने वाली पीढ़ियों को मजबूत आधार दे सकती है।

BRICS देशों के बीच सहयोग पर जोर

13वीं BRICS शिक्षा मंत्रियों की बैठक में विभिन्न सदस्य देशों के शिक्षा मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना और भविष्य की जरूरतों के अनुसार नीतियां तैयार करना था।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत BRICS परिवार के देशों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने सभी सदस्य देशों के सहयोग और रचनात्मक भागीदारी के लिए भारत की ओर से आभार भी व्यक्त किया।

शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी को बताया महत्वपूर्ण

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें भारत के शिक्षा क्षेत्र का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण दायित्व बताया।

उन्होंने कहा कि भारत का शिक्षा तंत्र बहुत बड़ा और विविधतापूर्ण है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीतियों को लागू करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।

जोशी ने कहा कि BRICS देशों के साथ शुरुआती अंतरराष्ट्रीय संवाद का अवसर मिलना उनके लिए विशेष अनुभव है।

तकनीक और कौशल विकास की भूमिका अहम

बैठक में शिक्षा के बदलते स्वरूप और तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार आधारित प्रशिक्षण की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नए कौशल सीखने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करने की जरूरत है।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया।

स्थिरता आधारित शिक्षा की जरूरत

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आज दुनिया पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में शिक्षा प्रणालियों को स्थिरता के सिद्धांतों से जोड़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, सहयोग और समाज के प्रति संवेदनशीलता की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य होना चाहिए।

भारत की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख

केंद्रीय मंत्री ने भारत में शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा को अधिक समावेशी, आधुनिक और कौशल आधारित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को बहुआयामी सीखने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

वैश्विक साझेदारी से मजबूत होगा शिक्षा क्षेत्र

BRICS बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। सदस्य देशों ने शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक और कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया।

बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, समावेशी और नवाचार आधारित बनाना समय की मांग है।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सहयोग और साझा प्रयासों के जरिए BRICS देश शिक्षा क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं और युवाओं को भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं।

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