- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- भारत-UK के बीच इनोवेशन...
भारत-UK के बीच इनोवेशन और टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने पर जोर

New Delhi नई दिल्ली : भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, रिसर्च, स्टार्टअप और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर द्विपक्षीय स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। दोनों देशों के व्यापार मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक कर भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
India और United Kingdom के बीच हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास और रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।
Piyush Goyal ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनकी यूके के व्यापार और बिजनेस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पीटर काइल के साथ एक सार्थक वर्चुअल बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने के अवसरों पर चर्चा की गई।
Had a productive virtual meeting with UK Secretary of State for Business and Trade Mr. @PeterKyle.
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) June 14, 2026
We discussed strengthening India-UK collaboration in innovation, technology, research, startups and emerging technologies.
Also explored new avenues to deepen partnerships for… pic.twitter.com/sgIgWB0In5
Peter Kyle के साथ हुई इस बातचीत में दोनों देशों ने माना कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में तकनीक और नवाचार आधारित सहयोग आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी, रिसर्च पार्टनरशिप और स्टार्टअप फंडिंग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने यह भी माना कि युवा उद्यमियों और नवाचार आधारित कंपनियों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए सहयोगात्मक ढांचा मजबूत किया जाना चाहिए।
भारत सरकार का मानना है कि स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी सेक्टर में यूके के साथ साझेदारी से देश में नवाचार को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। वहीं यूके पक्ष ने भी भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और तकनीकी बाजार को वैश्विक निवेश के लिए महत्वपूर्ण माना।
दोनों देशों ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस तरह की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की जा सके और पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स को और प्रभावी बनाया जा सके।
कुल मिलाकर, यह बैठक भारत और यूके के बीच तकनीकी और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को नई दिशा दे सकती है।





