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दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले के सत्य निकेतन (आरके पुरम) इलाके में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यहां एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इमारत गिरने के बाद मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव और राहत अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
मौके पर पहुंचीं कई एजेंसियां
हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), नगर निगम (MCD), कैट्स एंबुलेंस और सिविल डिफेंस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं।
सभी टीमें मिलकर मलबा हटाने और अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी जानकारी
दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की गई।
सीएमओ ने बताया कि घटना के बाद सभी संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है। बचाव कार्य में लगी टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक तत्काल मदद पहुंचाने पर है।
आसपास की इमारत कराई गई खाली
एहतियात के तौर पर हादसे वाली इमारत के पास स्थित दूसरी इमारत को भी खाली करा लिया गया है।
प्रशासन किसी भी तरह के अतिरिक्त खतरे से बचने के लिए आसपास के क्षेत्र की जांच कर रहा है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूर रहें, ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
मलबा हटाने में जुटी बचाव टीमें
बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे को हटाने का काम कर रहे हैं।
टीमें सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
दमकल विभाग और NDRF के जवान लगातार मौके पर मौजूद हैं।
हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा
फिलहाल इमारत गिरने के कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद हादसे के कारणों की जांच की जाएगी।
यह पता लगाया जाएगा कि इमारत की स्थिति कैसी थी और गिरने के पीछे क्या वजह रही।
इलाके में मचा हड़कंप
इमारत गिरने की घटना के बाद सत्य निकेतन इलाके में डर का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज आवाज के साथ इमारत गिरी और कुछ ही देर में पूरा क्षेत्र धूल और मलबे से भर गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।
प्रभावित परिवारों को मदद का भरोसा
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और जरूरतमंदों तक तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार निगरानी कर रहा प्रशासन
दिल्ली प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बचाव अभियान पूरा होने तक सभी एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्य निकेतन में हुए इस हादसे के बाद फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद ही हादसे में हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की संख्या की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।





