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SIR अभियान में जुटे BLO और सुपरवाइजरों को ECI का तोहफा

नई दिल्ली : देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बीच चुनाव आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और सुपरवाइजरों के लिए बड़ी घोषणा की है। निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों को उनके वार्षिक मानदेय के अलावा एक बार के लिए 6,000 रुपये का अतिरिक्त मानदेय देने का फैसला किया है।
चुनाव आयोग की ओर से मंगलवार रात जारी आदेश में कहा गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में BLO और सुपरवाइजरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस कार्य में शामिल अधिकारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां और काम का बोझ बढ़ा है, जिसे देखते हुए उन्हें अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।
आयोग ने अपने आदेश में बताया कि SIR अभियान का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है और इसमें बड़ी संख्या में मतदाता सूची की जांच, सत्यापन और अपडेट से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया को सफल बनाने में बूथ स्तर पर तैनात अधिकारियों की अहम भूमिका है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में अतिरिक्त मानदेय देने का निर्णय लिया गया है।
यह अतिरिक्त मानदेय पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया में शामिल BLO और सुपरवाइजरों को दिया जाएगा। हालांकि, किन-किन राज्यों में यह भुगतान लागू होगा, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित आदेश और दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि SIR प्रक्रिया सामान्य मतदाता सूची पुनरीक्षण से अलग और अधिक व्यापक कार्य है। इसमें मतदाताओं के विवरण की जांच, नए मतदाताओं का सत्यापन, रिकॉर्ड में सुधार और अन्य प्रशासनिक कार्य शामिल होते हैं। ऐसे में BLO और सुपरवाइजरों को अतिरिक्त समय और मेहनत करनी पड़ती है।
BLO यानी बूथ लेवल अधिकारी मतदाता सूची की जमीनी स्तर पर जांच करने वाले प्रमुख अधिकारी होते हैं। वे अपने क्षेत्र के मतदाताओं से संपर्क कर जानकारी जुटाते हैं और मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने में मदद करते हैं। वहीं, सुपरवाइजर कई BLO के काम की निगरानी करते हैं और प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने में सहयोग देते हैं।
आयोग के इस फैसले को SIR अभियान में लगे कर्मचारियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से BLO और सुपरवाइजर अतिरिक्त काम के लिए उचित पारिश्रमिक की मांग करते रहे हैं। अब चुनाव आयोग की घोषणा से उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी और अभियान को बेहतर तरीके से पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
निर्वाचन आयोग ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त मानदेय वार्षिक मेहनताने के अलावा दिया जाएगा। यानी यह राशि नियमित भुगतान का हिस्सा नहीं होगी, बल्कि SIR अभियान में किए गए विशेष कार्य के लिए एक बार के प्रोत्साहन के रूप में प्रदान की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सही और अपडेट मतदाता सूची से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनती है। ऐसे में SIR जैसे अभियानों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
BLO और सुपरवाइजरों पर अक्सर सीमित संसाधनों में अधिक काम करने का दबाव रहता है। मतदाताओं के घर-घर जाकर सत्यापन करना, दस्तावेजों की जांच करना और समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार करना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। अतिरिक्त मानदेय की घोषणा से ऐसे कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
चुनाव आयोग ने सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अतिरिक्त मानदेय से SIR प्रक्रिया में तेजी आएगी और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल देश के कई हिस्सों में SIR अभियान तेजी से चल रहा है। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर कर योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में BLO और सुपरवाइजरों की भूमिका सबसे अहम है, इसलिए उनके काम को देखते हुए 6,000 रुपये अतिरिक्त मानदेय देने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





