दिल्ली-एनसीआर

DU का नया प्लान: इंटरनेशनल एक्सपोजर और नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे

Saba Naaz
29 July 2026 6:10 PM IST
DU का नया प्लान: इंटरनेशनल एक्सपोजर और नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे
x

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU): अपने छात्रों को वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय अब छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव और रोजगार से जुड़ी शिक्षा देने पर जोर दे रहा है। इसी दिशा में डीयू जल्द ही ‘सेमेस्टर अवे’ कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत छात्र अपनी पढ़ाई का एक सेमेस्टर विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पूरा कर सकेंगे।

दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1283वीं बैठक में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इनमें से सबसे प्रमुख प्रस्ताव ‘सेमेस्टर अवे’ कार्यक्रम का है। इस योजना के लागू होने के बाद डीयू के छात्र अपने नियमित पाठ्यक्रम के दौरान एक सेमेस्टर किसी विदेशी विश्वविद्यालय में पढ़ सकेंगे और वहां के शैक्षणिक माहौल, शोध प्रणाली और नई शिक्षण तकनीकों का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

यह कार्यक्रम अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (यूजीसीएफ-2022) के तहत लागू किया जाएगा। इसके अंतर्गत विदेश में पढ़ाई के दौरान छात्रों को मिलने वाले क्रेडिट को उनकी डीयू की डिग्री में शामिल करने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे छात्रों को अपनी डिग्री पूरी करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का लाभ भी उठा सकेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से छात्रों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। आज के समय में कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव और अलग-अलग संस्कृतियों को समझने की क्षमता भी हो। ‘सेमेस्टर अवे’ कार्यक्रम इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

इसके अलावा डीयू बदलती औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए कई नए स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (SEC) भी शुरू करने की तैयारी में है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों में रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है।

नए स्किल कोर्सों में एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट एंड अपॉर्च्युनिटी डिस्कवरी, डिजाइन थिंकिंग एंड वेंचर डेवलपमेंट, वेंचर बिजनेस डिजाइन एंड गो-टू-मार्केट स्ट्रेटेजी और एंटरप्रेन्योरियल कम्युनिकेशन एंड इन्वेस्टर पिचिंग जैसे विषय शामिल किए गए हैं।

इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने, बिजनेस आइडिया विकसित करने, बाजार की जरूरतों को समझने और निवेशकों के सामने अपनी योजनाएं प्रस्तुत करने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताएं सिखाई जाएंगी। विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि छात्र केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बन सकें।

डीयू ने भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में भी कई फैसले प्रस्तावित किए हैं। दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े संस्थान के माध्यम से अरबी और फारसी भाषा के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई है।

इसके साथ ही बौद्ध अध्ययन विभाग में संस्कृत बौद्ध धर्म से जुड़े सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन भाषाओं और सांस्कृतिक इतिहास को समझने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डीयू के ये बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों के अनुरूप हैं, जिसमें बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास और वैश्विक स्तर पर छात्रों को तैयार करने पर जोर दिया गया है।

डीयू की यह पहल आने वाले समय में छात्रों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोल सकती है। विदेश में पढ़ाई का अनुभव, आधुनिक कौशल आधारित पाठ्यक्रम और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े नए कोर्स छात्रों को एक बेहतर और व्यापक शिक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

Next Story