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डॉ. अश्वनी कुमार की किताब ‘गार्जियन्स ऑफ द रिपब्लिक’ का इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भव्य लॉन्च

SHIDDHANT
13 Dec 2025 12:25 AM IST
डॉ. अश्वनी कुमार की किताब ‘गार्जियन्स ऑफ द रिपब्लिक’ का इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भव्य लॉन्च
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Delhi दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अश्वनी कुमार की नई किताब ‘Guardians of the Republic’ का शुक्रवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में भव्य लोकार्पण हुआ। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और देश-विदेश के कूटनीतिक समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। किताब के लॉन्च के अवसर पर डॉ. अश्वनी कुमार ने कहा कि ‘Guardians of the Republic’ भारतीय लोकतंत्र और संविधान की उन संस्थाओं, व्यक्तित्वों और चुनौतियों पर प्रकाश डालती है जिन्होंने देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का मकसद जनता में संवैधानिक संस्थाओं और उनके रक्षक अधिकारियों के प्रति जागरूकता और सम्मान पैदा करना है।
कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सहित कई सांसद और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. अश्वनी कुमार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह किताब युवाओं और विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को समझने का महत्वपूर्ण साधन बनेगी। किताब के लॉन्च के दौरान विदेशों के राजदूत और कूटनीतिक प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास और संविधान की स्थिरता को लेकर डॉ. कुमार की शोध और व्याख्यान की प्रशंसा की। कार्यक्रम में डिबेट और चर्चा सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित गणमान्य लोगों ने लोकतंत्र और स्वतंत्र संस्थाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. कुमार ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और उनके रक्षक अधिकारी ही भारत के संवैधानिक ढांचे की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किताब में अदालतों, चुनाव आयोग, पुलिस, और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के सशक्त और निष्पक्ष कार्यों को उजागर किया गया है। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने डॉ. कुमार को इस महत्वपूर्ण शोध और किताब के प्रकाशन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संवैधानिक जागरूकता के लिए बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों और साहित्यकारों ने भी किताब पर चर्चा की। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र और शासन प्रणाली के सिंथेसिस और ऐतिहासिक दस्तावेज़ के रूप में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर मौजूद वरिष्ठ कूटनीतिक समुदाय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूत संस्थाओं और उनके संरक्षकों की कहानियों को साझा करना न केवल देश के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की लोकतांत्रिक साख और स्थिरता को दर्शाता है।
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