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महंगे गिफ्ट और सोने-चांदी के मुकुट न लें, BJP अध्यक्ष नितिन नबीन की नेताओं को नसीहत

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को सार्वजनिक जीवन में शुचिता, सादगी और मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी है। उन्होंने नेताओं से कहा है कि वे सोने-चांदी के मुकुट या दूसरे महंगे उपहार स्वीकार करने से बचें। नबीन का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों से आम जनता की अपेक्षाएं अलग होती हैं, इसलिए नेताओं को अपने व्यवहार से समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
नितिन नबीन ने यह बात पार्टी के महासचिवों के साथ हुई बैठक में कही। यह बैठक बीजेपी मुख्यालय में आयोजित हुई थी, जहां संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ नेताओं के सार्वजनिक आचरण पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में पार्टी अध्यक्ष ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को ऐसे व्यवहार से बचना चाहिए जिससे गलत संदेश जाए।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता या समर्थक कई बार नेताओं को सम्मान के तौर पर महंगे उपहार, सोने या चांदी के मुकुट और दूसरी कीमती वस्तुएं देने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में नेताओं को विनम्रता से उपहार लेने से इनकार करना चाहिए। यदि कोई कार्यकर्ता बार-बार आग्रह करे तो भी उसे समझाकर उपहार वापस कर देना चाहिए।
नबीन का संदेश केवल महंगे उपहारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सादगी और मर्यादा को प्राथमिकता देने की बात कही। उनका मानना है कि नेताओं के व्यक्तिगत व्यवहार का सीधा असर पार्टी की छवि पर पड़ता है। किसी वरिष्ठ नेता का आचरण नीचे तक कार्यकर्ताओं के लिए उदाहरण बनता है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों को आम जनता के बीच ऐसा व्यवहार करना चाहिए, जिससे पार्टी के प्रति भरोसा मजबूत हो। नेताओं के पहनावे, सार्वजनिक व्यवहार और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद तक में संयम और सादगी दिखाई देनी चाहिए।
बीजेपी अध्यक्ष का यह संदेश ऐसे समय सामने आया है जब कई राज्यों में आने वाले समय में चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। चुनावी दौर में अक्सर टिकट के इच्छुक नेता और कार्यकर्ता वरिष्ठ नेताओं, प्रभारियों और पदाधिकारियों से मुलाकात करते हैं। इस दौरान सम्मान के नाम पर महंगे गिफ्ट, शॉल, मुकुट और दूसरी कीमती वस्तुएं देने की परंपरा भी देखने को मिलती है। पार्टी नेतृत्व अब ऐसी प्रवृत्ति से दूरी बनाना चाहता है।
नबीन ने साफ किया कि पार्टी के भीतर सम्मान व्यक्त करने के लिए महंगी चीजों की जरूरत नहीं है। कार्यकर्ता अपने काम, संगठन के प्रति प्रतिबद्धता और जनता की सेवा के जरिए सम्मान दिखा सकते हैं। नेताओं को भी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना चाहिए कि पार्टी में व्यक्तिगत उपहारों की जगह संगठनात्मक काम को महत्व दिया जाता है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में सादगी का संदेश राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। किसी नेता को सोने-चांदी का मुकुट या महंगा उपहार लेते हुए देखने पर आम लोगों के बीच अलग धारणा बन सकती है। यही वजह है कि नितिन नबीन ने नेताओं से ऐसे अवसरों पर सतर्क रहने को कहा है।
बैठक में मौजूद पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे यह संदेश राज्यों और संगठन की अलग-अलग इकाइयों तक भी पहुंचाएं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कहा गया है कि वे अपने स्तर पर कार्यकर्ताओं को समझाएं कि सम्मान दिखाने के लिए कीमती उपहार देने की जरूरत नहीं है।
नितिन नबीन की यह सलाह पार्टी के आंतरिक अनुशासन से भी जुड़ी मानी जा रही है। बीजेपी लंबे समय से संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता आधारित ढांचे पर जोर देती रही है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने व्यक्तिगत आचरण को भी संगठनात्मक अनुशासन का हिस्सा बताते हुए नेताओं से अपनी जिम्मेदारी समझने को कहा है।
बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि जनता नेताओं को केवल राजनीतिक पद के आधार पर नहीं देखती, बल्कि उनके निजी और सार्वजनिक व्यवहार पर भी नजर रखती है। ऐसे में छोटी सी घटना भी सोशल मीडिया के दौर में तेजी से चर्चा का विषय बन सकती है और पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकती है।
पार्टी अध्यक्ष ने नेताओं से कार्यकर्ताओं के साथ सहज व्यवहार रखने और दिखावे से बचने को कहा। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन में किसी नेता की प्रतिष्ठा उसके काम और जनता के बीच सक्रियता से बननी चाहिए, न कि महंगे स्वागत या उपहारों से।
हाल के दिनों में नितिन नबीन संगठनात्मक बैठकों और राज्यों के दौरों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं। 29 सितंबर को उन्होंने नई दिल्ली में राज्यों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की बैठक की अध्यक्षता भी की, जिसमें संगठनात्मक प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
पार्टी नेतृत्व का फोकस आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों से पहले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच स्पष्ट आचार संदेश स्थापित करने पर है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से महंगे उपहारों को लेकर दी गई नसीहत इसी दिशा में एक कदम के रूप में देखी जा रही है।
फिलहाल बीजेपी नेतृत्व का संदेश स्पष्ट है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेता सादगी बनाए रखें, महंगे उपहार लेने से बचें और अपने आचरण से कार्यकर्ताओं तथा समाज के सामने उदाहरण पेश करें। सोने-चांदी के मुकुट जैसे उपहारों को लेकर दी गई यह सलाह पार्टी के नेताओं के व्यक्तिगत व्यवहार और संगठनात्मक छवि दोनों से जुड़ी है।





