दिल्ली-एनसीआर

AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों ने 209 किलो वजनी मरीज की सफल सर्जरी की

Kavita2
7 Aug 2026 3:02 PM IST
AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों ने 209 किलो वजनी मरीज की सफल सर्जरी की
x

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के डॉक्टरों ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और दुर्लभ चिकित्सा मामले में करीब 209 किलोग्राम वजन वाले 32 वर्षीय व्यक्ति का सफल ऑपरेशन किया है। यह मामला ‘सुपर-सुपर ओबेसिटी’ यानी अत्यधिक गंभीर मोटापे की श्रेणी में आता है, जिसमें मरीज का वजन, शारीरिक स्थिति और ऑपरेशन से जुड़ी जटिलताएं सामान्य से कहीं अधिक होती हैं।

AIIMS के सर्जनों के अनुसार, मरीज के पेट का घेरा लगभग 198 सेंटीमीटर था, जो सामान्य ऑपरेशन टेबल की क्षमता से काफी अधिक था। इतनी गंभीर स्थिति में मरीज को ऑपरेशन के लिए तैयार करना और सुरक्षित तरीके से सर्जरी करना डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। मोटापे के कारण मरीज को सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही थी और ऑपरेशन से पहले उसे हाई-प्रेशर वेंटिलेशन की मदद से स्थिर किया गया।

चिकित्सकों ने बताया कि अत्यधिक मोटापे वाले मरीजों में सर्जरी के दौरान कई तरह के जोखिम बढ़ जाते हैं। इनमें सांस संबंधी जटिलताएं, हृदय पर दबाव, एनेस्थीसिया देने में कठिनाई और ऑपरेशन के बाद संक्रमण का खतरा शामिल होता है। ऐसे मामलों में मरीज की स्थिति को नियंत्रित करना और पूरी प्रक्रिया के दौरान लगातार निगरानी रखना बेहद जरूरी होता है।

AIIMS की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी के लिए विशेष योजना तैयार की। मरीज की शारीरिक स्थिति, वजन और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन से पहले कई स्तरों पर जांच की गई। एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, सर्जनों, क्रिटिकल केयर टीम और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मिलकर उपचार की रणनीति बनाई।

मरीज के पेट का आकार इतना अधिक था कि सामान्य ऑपरेशन व्यवस्था में बदलाव करने की जरूरत पड़ी। डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतते हुए सर्जरी की प्रक्रिया को अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान मरीज की सांस, हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतकों की लगातार निगरानी की गई।

चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक मोटापा केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित करने वाली गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है। इससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, सांस संबंधी समस्याएं और जोड़ों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। कई बार अत्यधिक मोटापे से पीड़ित मरीजों के लिए सामान्य जीवन की गतिविधियां भी कठिन हो जाती हैं।

‘सुपर-सुपर ओबेसिटी’ चिकित्सा क्षेत्र में एक दुर्लभ स्थिति मानी जाती है। इसमें मरीज का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) सामान्य मोटापे की तुलना में काफी अधिक होता है और इलाज के लिए विशेष विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों के लिए वजन कम करने की प्रक्रिया भी चुनौतीपूर्ण होती है और उन्हें लंबे समय तक चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत पड़ सकती है।

AIIMS के डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह के मामलों में केवल सर्जरी ही नहीं, बल्कि मरीज के जीवनशैली में बदलाव, पोषण प्रबंधन और नियमित चिकित्सा निगरानी भी महत्वपूर्ण होती है। ऑपरेशन के बाद मरीज को धीरे-धीरे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सलाह दी जाती है, ताकि वजन को नियंत्रित किया जा सके और भविष्य की स्वास्थ्य जटिलताओं को कम किया जा सके।

इस मामले को चिकित्सा जगत में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अत्यधिक मोटापे वाले मरीजों की सर्जरी में कई तरह की विशेष व्यवस्थाओं की आवश्यकता होती है। सामान्य उपकरण और प्रक्रियाएं ऐसे मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं होतीं, इसलिए अस्पतालों को अतिरिक्त तैयारी करनी पड़ती है।

AIIMS दिल्ली लंबे समय से जटिल चिकित्सा मामलों के इलाज और अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं के लिए जाना जाता है। इस सर्जरी ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अनुभवी चिकित्सकीय टीम, बेहतर योजना और आधुनिक तकनीक की मदद से कठिन से कठिन मामलों में भी मरीजों को उपचार दिया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे की समस्या को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर चिकित्सकीय सलाह से अत्यधिक वजन बढ़ने की स्थिति को रोका जा सकता है। गंभीर मोटापे से जूझ रहे लोगों को इसे केवल सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं मानना चाहिए, बल्कि इसे एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के रूप में समझना चाहिए।

AIIMS में हुई यह सफल सर्जरी उन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण है जो अत्यधिक मोटापे के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। डॉक्टरों की टीम अब मरीज की आगे की रिकवरी और स्वास्थ्य सुधार पर नजर बनाए हुए है।

Next Story