- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- लोकसभा और राज्यसभा में...

x
नई दिल्ली : संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार, 13 अगस्त को समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के अंतिम दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। लोकसभा स्थगित होने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने परंपरा के अनुसार चाय पार्टी आयोजित की, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अधिकांश घटक दलों ने इसका बहिष्कार किया। हालांकि विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम के प्रतिनिधियों ने चाय पार्टी में हिस्सा लिया।
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष की चाय पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। आम तौर पर संसद का सत्र समाप्त होने के बाद आयोजित होने वाली इस बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता अनौपचारिक रूप से मिलते हैं। विपक्ष के कई प्रमुख दलों की गैरमौजूदगी को सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच बने टकराव से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसके विपरीत राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन की ओर से आयोजित चाय पार्टी में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए। इनमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश प्रमुख थे। सत्ता पक्ष के नेताओं ने भी इस पारंपरिक आयोजन में भाग लिया।
विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा सत्र
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था। सत्र के दौरान नीट पेपर लीक, छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों की जांच जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने लगातार विरोध किया। इन मामलों पर चर्चा की मांग को लेकर दोनों सदनों में कई बार हंगामा हुआ, जिससे कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से ‘वंदे मातरम्’ के गायन के लिए खड़े होने का आग्रह किया। राष्ट्रगीत के गायन के बाद उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
राज्यसभा में खनिज संशोधन विधेयक पारित
राज्यसभा में भी अंतिम दिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। शोर-शराबे के बीच खान एवं खनिज विकास संशोधन विधेयक 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया गया। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इसके बाद विपक्ष की ओर से पेश किए गए संशोधनों को ध्वनि मत से खारिज करते हुए विधेयक पारित कर दिया गया।
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने अपने समापन संबोधन में सदन में लगातार हुए व्यवधानों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान उपलब्ध समय का पूरा उपयोग नहीं हो सका। लगातार अव्यवस्था लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
सभापति के अनुसार, हंगामे के बावजूद सत्र में राष्ट्रीय महत्व के 12 विधेयक पारित किए गए या उन्हें पारित करके लोकसभा को वापस भेजा गया। उन्होंने सदस्यों से भविष्य में सदन का अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद के प्रति जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा, जब सदस्य नियमों और संसदीय परंपराओं का पालन करेंगे।
सभापति के विदाई संबोधन के बाद राज्यसभा में भी ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह लगातार हंगामे, स्थगन और सत्ता-विपक्ष के बीच तीखे टकराव के साथ संसद का मॉनसून सत्र समाप्त हो गया।
TagsLok SabhaRajya SabhaOppositionStanceलोकसभाराज्यसभाविपक्षरुखजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





