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राजस्थान में आज से सैन्य शक्ति का प्रदर्शन तेजस राफेल और सुखोई भरेंगे उड़ान

nidhi
9 Sept 2026 7:47 AM IST
राजस्थान में आज से सैन्य शक्ति का प्रदर्शन तेजस राफेल और सुखोई भरेंगे उड़ान
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भारत जापान की संयुक्त ताकत का प्रदर्शन

जोधपुर: राजस्थान के आसमान में आज से भारत और जापान की संयुक्त सैन्य ताकत का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। भारतीय वायुसेना के तेजस, सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भारत-जापान के संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन-2026’ में हिस्सा लेंगे। इस अभ्यास का आयोजन जोधपुर एयरबेस पर किया जा रहा है।

इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, हवाई युद्ध कौशल को मजबूत करना और साझा रणनीतिक क्षमताओं का विकास करना है। अभ्यास में जापान की ओर से एफ-2ए लड़ाकू विमान भी शामिल होंगे।
आसमान में दिखेगा फाइटर जेट्स का दम
भारतीय वायुसेना अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ इस अभ्यास में उतर रही है। तेजस भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान है, जबकि सुखोई-30 MKI और राफेल भारतीय वायुसेना की ताकत का अहम हिस्सा हैं। इन विमानों के जरिए पायलट हवा से हवा में मुकाबला, रणनीतिक मिशन और अन्य युद्धाभ्यास करेंगे। जापान की एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स अपने एफ-2ए फाइटर जेट और करीब 110 सैन्य कर्मियों के साथ इस अभ्यास में भाग ले रही है। यह पहली बार है जब जापानी एफ-2ए विमान भारत में इस तरह के अभ्यास में शामिल हो रहे हैं।
14 दिन तक चलेगा युद्धाभ्यास
‘वीर गार्जियन-2026’ करीब 14 दिनों तक चलेगा। इस दौरान दोनों देशों के पायलट एक-दूसरे के साथ हवाई युद्ध तकनीक, मिशन प्लानिंग और ऑपरेशनल अनुभव साझा करेंगे। अभ्यास में लड़ाकू विमानों की तैनाती के साथ-साथ आधुनिक हवाई रणनीतियों और आपसी समन्वय को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर कई स्तरों पर सहयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच भरोसा बढ़ता है और किसी भी आपात स्थिति में बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलती है।
राजस्थान बना सैन्य अभ्यास का बड़ा केंद्र
पश्चिमी राजस्थान पिछले कुछ वर्षों में बड़े सैन्य अभ्यासों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इससे पहले भी राजस्थान में भारतीय वायुसेना ने बड़े हवाई अभ्यास आयोजित किए हैं, जिनमें राफेल, सुखोई और तेजस जैसे विमानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। भारत-जापान के इस अभ्यास से न सिर्फ दोनों देशों की सैन्य ताकत का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह रक्षा साझेदारी को नई मजबूती देने वाला कदम भी माना जा रहा है।
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