- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- शिक्षा निदेशालय ने...
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में तीसरी कक्षा से लेकर 9वीं-11वीं तक मूल्यांकन नीति की घोषित

दिल्ली एजुकेशन न्यूज़: राजधानी में सभी कक्षाओं के लिए गर्मी की छुट्टियों बाद स्कूलों को खोल दिया गया। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में अकादमिक सत्र 2022-23 में तीसरी कक्षा से लेकर 9वीं और 11वीं कक्षा के लिए परीक्षा व मूल्यांकन नीति की घोषणा की। शिक्षा निदेशक हिमांशू गुप्ता के हवाले से जारी निर्देश में कहा गया कि अकादमिक सत्र 2022-23 में मिड टर्म परीक्षाएं सितम्बर-अक्तूबर में आयोजित किए जाएंगे और वार्षिक परीक्षाएं फरवरी-मार्च में आयोजित की जाएंगी।
10वीं के लिए 8वीं में तीसरी भाषा उत्तीर्ण करना होगा अनिवार्य: मिड टर्म परीक्षा का प्रश्नपत्र मिड टर्म तक कवर किए गए सिलेबस के आधार पर बनेगा वहीं वार्षिक परीक्षाओं का प्रश्नपत्र सीबीएसई बोर्ड व निदेशालय द्वारा दिए गए सिलेबस से लिया जाएगा। निदेशालय ने कहा कि तीसरी से 9वीं कक्षा तक एमसीक्यू, केस आधारित, सोर्स आधारित इंटीग्रेटेड सवालों का प्रतिशत 40 फीसद रहेगा। वहीं शॉर्ट आंसर-लांग आंसर टाइप सवाल 40 फीसद व ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों का प्रतिशत 20 फीसद रहेगा।
तीसरी से 8वीं तक दो टर्म के आधार पर होगा मूल्यांकन: 11वीं कक्षा में एमसीक्यू, केस आधारित, सोर्स आधारित सवालों का प्रतिशत 30 फीसद, ऑब्जेक्टिव टाइप 20 फीसद, शॉर्ट एंड लांग आंसर टाइप 50 प्रतिशत सवाल पूछे जाएंगे। निदेशालय ने कहा है कि यदि किसी छात्र ने 8वीं कक्षा में तीसरी भाषा को पास नहीं किया है तो वह 10वीं कक्षा की परीक्षा में नहीं बैठ पाएगा। ऐसे छात्रों को 9वीं और 10वीं बोर्ड से पहले तीसरी भाषा विषय को उत्तीर्ण करने के लिए दो अवसर दिए जाएंगे। तीसरी से 8वीं तक की कक्षाओं का मूल्यांकन दो टर्म के आधार पर किया जाएगा। दोनों टर्म के लिए विषयवार 50-50 अंक रखे जाएंगे।
इतने नंबर पर मिलेगा ये ग्रेड: 91 से 100 अंक लाने पर छात्र को ए1 ग्रेड, 81 से 90 अंक लाने पर ए2 ग्रेड, 71 से 80 अंक लाने पर बी1 ग्रेड, 61 से 70 अंक लाने पर बी2 ग्रेड, 51 से 60 अंक लाने पर सी1 ग्रेड, 41 से 50 अंक लाने पर सी2 ग्रेड, 33 से 40 अंक लाने पर डी ग्रेड 32 व इससे नीचे अंक आने पर छात्र को ई ग्रेड मिलेगा। जिसका मतलब है सुधार की आवश्यकता है। इसी तरह निदेशालय ने 9वीं और 11वीं कक्षा के लिए भी मूल्यांकन नीति की घोषणा की है। हिमांशू गुप्ता ने सभी सरकारी, सरकार द्वारा वित्त पोषित, मान्यता प्राप्त अनएडेड स्कूलों को इन दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है।





