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डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर में सुधार की जरूरत: बीजेडी सांसद सस्मित पात्र बोले

SHIDDHANT
29 Oct 2025 10:59 PM IST
डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर में सुधार की जरूरत: बीजेडी सांसद सस्मित पात्र बोले
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Delhi दिल्ली। बीजू जनता दल (BJD) के राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्र ने कहा कि देश में डायरेक्ट सेलिंग और नेटवर्क मार्केटिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके सामने कई नियामकीय और संरचनात्मक चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित इंटरनल ट्रेड प्रोग्राम ने इस क्षेत्र में पारदर्शिता, नियमन और सुधार को लेकर व्यापक चर्चा का मंच प्रदान किया। सस्मित पात्र ने कहा, “इस कार्यक्रम में ज़मीनी स्तर पर व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह पहल वास्तव में एक ऐसा मंच बनी, जहां डायरेक्ट सेलिंग से जुड़े व्यापारिक नियमों, उपभोक्ता सुरक्षा और निवेश पारदर्शिता जैसे पहलुओं पर खुली बातचीत हुई। इससे हमें यह समझने में मदद मिली कि इस क्षेत्र को सशक्त और विश्वसनीय बनाने के लिए किन सुधारों की आवश्यकता है।”
कार्यक्रम में कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों, उद्योग संगठनों और नीति विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान डायरेक्ट सेलिंग मार्केटिंग सेक्टर में बढ़ती कंपनियों की गतिविधियों पर चिंता जताई गई और यह सुझाव दिया गया कि इस क्षेत्र में सख्त निगरानी और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जानी चाहिए ताकि फर्जी योजनाओं पर रोक लगाई जा सके। सस्मित पात्र ने कहा कि भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग का बाजार साल-दर-साल बढ़ रहा है और लाखों लोग इससे जुड़े हुए हैं, लेकिन कई बार गलत प्रचार और अवैध मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) योजनाओं के कारण उपभोक्ता नुकसान झेलते हैं। उन्होंने कहा, “जरूरी है कि सरकार और नियामक संस्थाएं इस क्षेत्र के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि असली और नकली कंपनियों के बीच फर्क किया जा सके।”
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर को रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण के बड़े अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। “देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में हज़ारों महिलाएं डायरेक्ट सेलिंग के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। यदि उचित नीतिगत सहयोग मिले, तो यह क्षेत्र भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को मजबूत बना सकता है,” उन्होंने कहा। सस्मित पात्र ने यह भी बताया कि इंटरनल ट्रेड प्रोग्राम के दौरान डिजिटल मार्केटिंग, डेटा सुरक्षा और ई-कॉमर्स इंटीग्रेशन पर भी विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत का खुदरा व्यापार क्षेत्र डिजिटल और डायरेक्ट सेलिंग मॉडल के संतुलन से आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि कैसे डायरेक्ट सेलिंग (विनियमन) अधिनियम, 2021 को और प्रभावी बनाया जाए ताकि कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। पात्र ने कहा कि वह जल्द ही संसद में इस विषय पर एक प्रस्ताव रखेंगे, जिसमें नीति सुधार, प्रशिक्षण और पारदर्शिता तंत्र को और मजबूत करने की सिफारिश की जाएगी। उन्होंने कहा, “भारत में डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर की क्षमता बहुत बड़ी है। हमें इसे सही दिशा में बढ़ाने की जरूरत है ताकि यह क्षेत्र निवेश, नवाचार और रोजगार — तीनों क्षेत्रों में देश को नई ऊंचाई पर ले जाए।”
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