दिल्ली-एनसीआर

Wangchuk आंदोलन में डिंपल यादव की एंट्री, सपा नेताओं ने बढ़ाया समर्थन

Ratna Netam
16 July 2026 7:21 PM IST
Wangchuk  आंदोलन में डिंपल यादव की एंट्री, सपा नेताओं ने बढ़ाया समर्थन
x

New Delhi नई दिल्ली : शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार (16 जुलाई) को समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव अपने साथ कई सांसदों और विधायकों को लेकर सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने वांगचुक से मुलाकात कर उनके आंदोलन को समर्थन दिया।

डिंपल यादव के जंतर-मंतर पहुंचने के बाद वहां मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला। जैसे ही सपा सांसद मंच पर पहुंचीं, वहां मौजूद लोगों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस दौरान डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक से बातचीत की और उनके आंदोलन से जुड़ी मांगों को लेकर अपना समर्थन जताया।

मुलाकात के बाद डिंपल यादव ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि युवाओं की आवाज को सुना जाएगा। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है।

डिंपल यादव के साथ पहुंचे अन्य नेताओं ने भी सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया। सपा सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को महत्व मिलना चाहिए और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है।

सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। जंतर-मंतर पर उनका अनशन भी इन्हीं मुद्दों को लेकर चल रहा है। उनके आंदोलन को लेकर कई सामाजिक संगठनों और लोगों का समर्थन मिल रहा है।

वांगचुक के समर्थकों का कहना है कि उनका उद्देश्य युवाओं, शिक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय हितों से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना है। उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं।

सोनम वांगचुक देशभर में शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए अपने कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई पहल की हैं। समय-समय पर वे सामाजिक और नीतिगत मुद्दों को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं।

डिंपल यादव का समर्थन मिलने के बाद इस आंदोलन को राजनीतिक चर्चा भी मिल गई है। विपक्षी दलों के नेताओं के समर्थन के चलते यह मुद्दा अब सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।

20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजकों की ओर से लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की जा रही है। समर्थकों का कहना है कि यह मार्च युवाओं की समस्याओं और अधिकारों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

वहीं, प्रशासन भी जंतर-मंतर पर चल रही गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी इंतजाम किए गए हैं। आंदोलन से जुड़े लोग लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

फिलहाल सोनम वांगचुक का अनशन और उन्हें मिल रहा राजनीतिक समर्थन चर्चा में बना हुआ है। डिंपल यादव के पहुंचने के बाद इस आंदोलन को नया राजनीतिक समर्थन मिला है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

Next Story