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मयूर विहार फेज-3 में बदहाल सड़कें, लोगों की परेशानी बढ़ी

पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज-तीन इलाके में जर्जर सड़कें, गहरे गड्ढे और जगह-जगह फैला कूड़ा स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। लंबे समय से सड़क मरम्मत और सफाई व्यवस्था की मांग कर रहे लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण क्षेत्र की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के मौसम में हालात और गंभीर हो जाते हैं, जिससे हादसों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मयूर विहार फेज-तीन की कई सड़कें पिछले कई वर्षों से खराब हालत में हैं। कुछ स्थानों पर सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जबकि कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। मानसून के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के सीएनजी रोड, बुद्धा बाजार मार्केट और डीडीए फ्लैटों के आसपास की सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर कई बार सिर्फ अस्थायी पैचवर्क किया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद सड़क फिर से टूट जाती है। लोगों का आरोप है कि स्थायी समाधान के बजाय केवल खानापूर्ति की जा रही है।
सड़कों की बदहाली का असर स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों पर भी पड़ रहा है। इलाके में कई स्कूल हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में छात्र पहुंचते हैं। अभिभावकों का कहना है कि खराब सड़क और जलभराव के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। बारिश के दिनों में कीचड़ और गड्ढों से गुजरना मजबूरी बन जाता है।
स्थानीय निवासी विवेक ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से इलाके में सड़क की समस्या बनी हुई है। कई बार ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सड़क की खराब हालत के साथ-साथ इलाके में कूड़े की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। सीएनजी रोड, पेपर मार्केट और सीआरपीएफ बिल्डिंग के आसपास फुटपाथ, डिवाइडर और नालों के किनारे कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने और खुले में कचरा फेंके जाने के कारण गंदगी बढ़ती जा रही है।
फुटपाथों पर कूड़ा जमा होने से पैदल राहगीरों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। वहीं, बारिश के दौरान यही कचरा नालियों में जमा होकर जल निकासी को प्रभावित करता है। इससे कई जगह जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मानसून से पहले प्रशासन की ओर से तैयारियों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आती है। लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत, नालों की सफाई और कूड़ा उठाने की व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द खराब सड़कों की मरम्मत कराए, गड्ढों को भरे और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए। उनका कहना है कि मयूर विहार फेज-तीन एक प्रमुख इलाका है, जहां रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं, इसलिए यहां की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए।
इस मामले में स्थानीय विधायक कुलदीप कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और विभागों को मिलकर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और बारिश के मौसम में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।





