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चिड़ियाघर में Diamond हाथी का हमला, मानसिक तनाव का असर

New Delhi.नई दिल्ली। शुक्रवार शाम को राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में एशियाई हाथी हीरा ने अपने महावत पर हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब महावत हमेशा की तरह उसकी देखभाल कर रहा था। घायल कर्मचारी पिछले पांच-छह सालों से यहां अनुबंध पर काम कर रहा है, घटना के बाद उसे तुरंत राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। कर्मचारी की हालत गंभीर बताई जा रही है।हैरानी की बात यह है कि यह हमला किसी उत्तेजना या मुस्तैदी की हालत में नहीं हुआ। चिड़ियाघर प्रशासन ने हीरा को पिछले कई दिनों से जंजीरों में बांधकर रखा था।हाथी की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ावन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि कई दिनों तक लोहे की जंजीरों में बंधे रहने से हाथी की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी जैसे बुद्धिमान और सामाजिक जानवर को लंबे समय तक बांधकर रखने से उसके व्यवहार में हिंसक बदलाव आ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक जंजीरों में बंधे रहने से हाथी की मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है, जिससे उसका व्यवहार अचानक आक्रामक हो सकता है।मामले की आंतरिक जांच जारी हैहालांकि, चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि हाथी मौज-मस्ती की हालत में नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठेका कर्मचारी फिसलकर हाथी की सूंड के संपर्क में आया। एहतियात के तौर पर उसे अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि वह पिछले छह महीने से चिड़ियाघर में काम कर रहा था और ठेकेदार के पास ही काम करता था। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है जिसे आक्रामक हमला नहीं कहा जा सकता, लेकिन मामले की आंतरिक जांच जारी है।इस घटना ने एक बार फिर चिड़ियाघर में पशु प्रबंधन के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चूंकि यह पहली बार नहीं है कि दिल्ली चिड़ियाघर में किसी हाथी की मानसिक स्थिति चिंता का विषय बनी हो। इससे पहले शंकर नाम का एक अफ्रीकी हाथी भी अकेलेपन और सालों तक जंजीरों में जकड़े रहने के कारण बीमार पड़ गया था। उस समय भी पशु प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संगठनों ने चिड़ियाघर प्रशासन की नीति पर सवाल उठाए थे।





