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दिल्ली-एनसीआर
कैंसर देखभाल को छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचाने की मांग
Ratna Netam
20 Sept 2026 10:01 PM IST

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नई दिल्ली। इंडियन कैंसर सोसाइटी (ICS) ने देश में कैंसर देखभाल सेवाओं को और व्यापक बनाने की जरूरत पर जोर दिया है। संस्था ने मांग की है कि कैंसर की जांच, शुरुआती पहचान और इलाज की सुविधाओं को **टियर-2, टियर-3, टियर-4 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों** तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।यह मांग **ICS दिल्ली के वार्षिक सेमिनार “कैंसर केयर में इनोवेशन और किफायतीपन के बीच तालमेल”** के दौरान उठाई गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने को लेकर चर्चा की।
जिला अस्पतालों की भूमिका बढ़ाने पर जोर
इंडियन कैंसर सोसाइटी ने कहा कि जिला अस्पताल कैंसर देखभाल व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन अस्पतालों को कैंसर स्क्रीनिंग, बीमारी की शुरुआती पहचान, प्रारंभिक देखभाल और मरीजों को बेहतर उपचार केंद्रों तक रेफर करने की व्यवस्था में मजबूत बनाया जाना चाहिए।संस्था का कहना है कि कैंसर का समय पर पता चलना इलाज की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए तो मरीजों को बेहतर उपचार विकल्प मिल सकते हैं।
छोटे शहरों में सुविधाओं की जरूरत
सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहा कि बड़े शहरों में कैंसर उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को कई बार इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।इस वजह से कई मरीजों को जांच और उपचार में देरी का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच की व्यवस्था मजबूत करने से इस चुनौती को कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स, ऑन्कोलॉजिस्ट, अस्पताल प्रतिनिधि, इंश्योरेंस कंपनियों और फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए।इस दौरान कैंसर उपचार में नई तकनीकों, कम लागत वाली स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों तक बेहतर पहुंच बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।
शुरुआती पहचान को बताया महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर के मामलों में शुरुआती पहचान सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। नियमित स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान के जरिए बीमारी का पता समय रहते लगाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि लोगों में कैंसर के लक्षणों और जांच को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।
दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिया सहयोग पर जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए दिल्ली के उपराज्यपाल **तरनजीत सिंह संधू** ने स्वास्थ्य व्यवस्था के अलग-अलग स्तरों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि मरीजों को शुरुआती चरण में सही उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के सभी स्तरों के बीच समन्वय जरूरी है।
स्वास्थ्य व्यवस्था में बेहतर समन्वय की जरूरत
उपराज्यपाल ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच, रेफरल सिस्टम, उपचार और फॉलोअप सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए।उन्होंने मरीज केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
किफायती इलाज पर चर्चा
सेमिनार में कैंसर उपचार की बढ़ती लागत को लेकर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से इलाज को अधिक किफायती बनाया जा सकता है।स्वास्थ्य बीमा योजनाओं और सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भूमिका पर भी विचार किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत
विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती है। लोगों को नियमित जांच और शुरुआती लक्षणों की जानकारी देना जरूरी है।उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करके मरीजों को समय पर सही दिशा दी जा सकती है।
तकनीक से बेहतर हो सकती है पहुंच
कार्यक्रम में डिजिटल हेल्थ सेवाओं और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाओं के उपयोग पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीक के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञों से जोड़ना आसान हो सकता है।
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