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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, राहुल गांधी के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी ने खोला मोर्चा

Kavita2
8 Oct 2026 10:11 AM IST
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, राहुल गांधी के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी ने खोला मोर्चा
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अब इस विवाद में युवाओं के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भी खुलकर सामने आ गई है। नीट परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन से चर्चा में आए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इससे पहले मुंबई में भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है।

चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया, जब अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर असहमति होने का दावा किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर मतभेद सामने आए थे। इसमें दावा किया गया कि पिछले दस महीनों के दौरान चुनाव आयुक्तों ने विभिन्न प्रक्रियाओं को लेकर कई बार सवाल उठाए।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के आधार पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। आयोग ने कहा कि उसके फैसले निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार होते हैं और आंतरिक विचार-विमर्श को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं।

राहुल गांधी लगातार उठा रहे वोट चोरी का मुद्दा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

राहुल गांधी का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है।

इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

6 और 7 अक्टूबर को आयोजित प्रदर्शनों में राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने की मांग की।

वहीं चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने कांग्रेस पर चुनावी हार का दोष चुनाव आयोग पर डालने का आरोप लगाया है।

कॉकरोच जनता पार्टी ने भी शुरू किया आंदोलन

चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।

संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन का ऐलान किया।

सीजेपी ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन आयोजित किया था। इस दौरान संगठन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।

दीपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करना और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग करना है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संगठन इंडिया गठबंधन से अलग रहकर आंदोलन करेगा।

नीट पेपर लीक आंदोलन से मिली पहचान

कॉकरोच जनता पार्टी इससे पहले नीट-यूजी परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में अपने आंदोलन को लेकर चर्चा में आई थी।

वर्ष 2026 में नीट परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद संगठन ने छात्रों और युवाओं की समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किए थे।

इस दौरान तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी।

लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे अपने आंदोलन की सफलता बताया था। हालांकि, इस्तीफे को केवल किसी एक संगठन के आंदोलन का परिणाम मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि उस समय विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने भी विरोध किया था।

अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

नीट आंदोलन के बाद अब अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को अपने संगठन के प्रमुख अभियान के रूप में उठाया है।

उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

दीपके ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है और मुख्य चुनाव आयुक्त को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर संगठन के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और नागरिक समाज की भागीदारी की मांग भी की है।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।

संगठन के अनुसार, इस आंदोलन में युवाओं के साथ समाज के अन्य वर्गों के लोगों को भी शामिल होने का आह्वान किया गया है।

इससे पहले मुंबई में प्रदर्शन किया जा चुका है। संगठन ने गोवा, हैदराबाद, कोलकाता, पटना, बेंगलुरु और रांची सहित अन्य शहरों में भी आंदोलन आयोजित करने की योजना की जानकारी दी है।

अभिजीत दीपके ने कहा है कि संगठन महात्मा गांधी के अहिंसक विरोध के तरीके का पालन करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकती है तो वे उसी स्थान पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करेंगे।

विपक्ष और सीजेपी की रणनीति अलग

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी का मुद्दा समान है, लेकिन दोनों की राजनीतिक रणनीति अलग दिखाई दे रही है।

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के घटक दल संयुक्त रूप से चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

दूसरी ओर अभिजीत दीपके ने अपने संगठन को विपक्षी गठबंधन से स्वतंत्र रखने की बात कही है।

सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं होगा। संगठन अपने स्तर पर युवाओं और नागरिकों को जोड़कर चुनाव आयोग की जवाबदेही का सवाल उठाना चाहता है।

चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज

विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।

आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थागत स्तर पर विभिन्न अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श होना निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है।

दूसरी ओर विपक्षी दल और सीजेपी चुनाव आयोग से आरोपों पर अधिक स्पष्ट जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया है।

दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर नजर

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच अब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन पर नजर बनी हुई है।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पहले ही दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। अब कॉकरोच जनता पार्टी ने भी अपना आंदोलन तेज करने की घोषणा की है।

हालांकि, संगठन के प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होंगे और आगे आंदोलन का स्वरूप क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

चुनाव आयोग ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है, जबकि विरोध करने वाले दल और संगठन स्वतंत्र तथा पारदर्शी चुनावी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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