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BJP की बड़ी बैठक में 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार करने पर मंथन

Ratna Netam
29 Oct 2026 5:06 PM IST
BJP की बड़ी बैठक में 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार करने पर मंथन
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New दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी विधानसभा चुनावों और विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय महासचिवों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध, देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और 2027 में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने आगामी कार्यक्रमों और संगठन को मजबूत बनाने की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया।नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी ने अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। गुरुवार सुबह 10 बजे भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक शुरू हुई।इस बैठक में विपक्षी इंडिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शनों, चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और आगामी चुनावी कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रही।
स्मृति ईरानी और बीएल संतोष समेत कई बड़े नेता शामिल
भाजपा की इस बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, स्मृति ईरानी, तरुण चुघ, सुनील बंसल, विनोद तावड़े, सतीश पूनिया, संजय भाटिया और बिप्लब कुमार देब सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।इन नेताओं के पास पार्टी के विभिन्न राज्यों और संगठनात्मक गतिविधियों से संबंधित जिम्मेदारियां हैं।बैठक में आगामी कार्यक्रमों, राज्यों के राजनीतिक हालात और संगठन के कामकाज पर विस्तार से विचार किया गया।आकाशवाणी समाचार के अनुसार, बैठक में पार्टी की आगामी कार्ययोजना और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का विस्तृत आधिकारिक विवरण तत्काल सार्वजनिक नहीं किया गया।
SIR को लेकर विपक्ष के विरोध पर मंथन
बैठक का एक प्रमुख विषय मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद रहा।कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों ने इस प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है।विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जोड़कर उठा रहे हैं।दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का विरोध करते हुए मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रियाओं के महत्व पर जोर दिया है।रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे पर विपक्ष के राजनीतिक अभियान का जवाब देने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर विशेष ध्यान
साल 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं।इन राज्यों में होने वाले चुनाव भाजपा की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।बैठक में इन राज्यों की संगठनात्मक तैयारियों, चुनाव से पहले आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर चर्चा प्रस्तावित थी।पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकताओं में राज्य और जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करना तथा मतदाताओं तक अपनी नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाना शामिल है।चुनावी तैयारियों के तहत स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में मिशन 2027 को लेकर तैयारियां
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा की गतिविधियां पहले से जारी हैं।राज्य में पार्टी के लिए संगठनात्मक समन्वय, बूथ स्तर की तैयारियां और स्थानीय राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।उत्तर प्रदेश देश की सबसे अधिक विधानसभा सीटों वाला राज्य है। यहां विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं।भाजपा नेतृत्व चुनावी तैयारियों के दौरान राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन की गतिविधियों की समीक्षा कर रहा है।इसके अलावा उत्तराखंड में भी 2027 के चुनावों को देखते हुए पार्टी संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
विपक्ष की 1 नवंबर की रैली भी चर्चा में
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को प्रस्तावित विरोध रैली भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार तथा भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं।इससे पहले 25 अक्टूबर को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक में भी विपक्ष की प्रस्तावित रैली और उसके राजनीतिक अभियान का जवाब देने की रणनीति पर चर्चा हुई थी।उस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीएल संतोष सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे।पार्टी के भीतर सोशल मीडिया, जनसंपर्क और संगठनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से अपना पक्ष लोगों तक पहुंचाने पर विचार हुआ था।
दिल्ली में नितिन नबीन ने निकाली थी पदयात्रा
राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक से एक दिन पहले बुधवार, 28 अक्टूबर को नितिन नबीन ने दिल्ली के चांदनी चौक में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्रा का नेतृत्व किया था।यह अभियान विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे SIR और कथित वोट चोरी के आरोपों के जवाब में चलाया जा रहा है।पदयात्रा के दौरान नबीन ने कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन किया।भाजपा का यह अभियान 22 अक्टूबर से शुरू हुआ था और इसे 5 नवंबर तक चलाने का कार्यक्रम है।इस दौरान पार्टी विभिन्न स्थानों पर राजनीतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने विचार जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
चुनावी रणनीति के साथ संगठन को मजबूत करने पर जोर
राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक में संगठनात्मक कामकाज को लेकर भी चर्चा हुई।चुनाव वाले राज्यों में पार्टी पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों, कार्यक्रमों की तैयारियों और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषय चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं।भाजपा नेतृत्व की बैठकों में युवाओं से संपर्क, स्थानीय मुद्दों की पहचान और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने के कार्यक्रमों को पहले भी महत्व दिया गया है।अगस्त में पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने चुनाव वाले राज्यों के नेताओं के साथ युवाओं से संबंधित मुद्दों और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की थी।पार्टी की आगामी कार्ययोजना में इन प्रयासों को किस रूप में आगे बढ़ाया जाएगा, यह विस्तृत कार्यक्रम सामने आने के बाद स्पष्ट होगा।
राजनीतिक विवाद के बीच बढ़ी भाजपा की सक्रियता
देश में मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर भाजपा तथा विपक्षी दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।जहां कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दल चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं, वहीं भाजपा इन आरोपों का राजनीतिक स्तर पर जवाब दे रही है।ऐसे समय में राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक संगठनात्मक और चुनावी गतिविधियों के समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।इससे पार्टी को विभिन्न राज्यों की तैयारियों की समीक्षा करने और आगामी कार्यक्रमों पर विचार करने का अवसर मिला है।
2027 के चुनावों से पहले भाजपा की तैयारियां तेज
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक ने स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों, दोनों विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में होने वाले चुनावों को देखते हुए आने वाले महीनों में संगठनात्मक कार्यक्रमों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।फिलहाल बैठक में चर्चा की गई कार्ययोजना के विस्तृत निर्णयों का इंतजार है। इसके साथ ही यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा SIR विवाद पर अपना पक्ष किस तरह प्रस्तुत करती है और आगामी चुनावों से पहले संगठनात्मक तैयारियों को किस रूप में आगे बढ़ाती है।
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