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दिल्ली की पहली BJP मेयर शकुंतला आर्या का निधन, 98 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Kavita2
25 July 2026 10:32 AM IST
दिल्ली की पहली BJP मेयर शकुंतला आर्या का निधन, 98 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
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नई दिल्ली : दिल्ली नगर निगम की पहली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मेयर रहीं शकुंतला आर्या का 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। शकुंतला आर्या ने वर्ष 1997-98 में दिल्ली की मेयर के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और राजधानी की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने शकुंतला आर्या के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि शकुंतला आर्या का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में संगठन और समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

शकुंतला आर्या का नाम दिल्ली की राजनीतिक इतिहास में विशेष स्थान रखता है। वह उस समय दिल्ली नगर निगम की मेयर बनीं, जब बीजेपी ने राजधानी में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करनी शुरू की थी। उनके कार्यकाल को नगर प्रशासन और स्थानीय राजनीति में पार्टी की बढ़ती भागीदारी के दौर के रूप में देखा जाता है।

मेयर के रूप में शकुंतला आर्या ने दिल्ली के नागरिक मुद्दों को प्राथमिकता दी। नगर निगम से जुड़े कामकाज, स्थानीय सुविधाओं, साफ-सफाई और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने अपनी भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में दिल्ली नगर निगम के कामकाज को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

राजनीतिक जीवन के अलावा शकुंतला आर्या अपने सामाजिक योगदान के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर लोगों की समस्याओं को उठाया और समाज सेवा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया।

उनके निधन की जानकारी सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पार्टी नेताओं ने कहा कि शकुंतला आर्या का सरल स्वभाव, संगठन के प्रति समर्पण और सार्वजनिक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि शकुंतला आर्या ने पार्टी और दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, 1990 के दशक में दिल्ली की राजनीति में नगर निगम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी। उस दौर में मेयर का पद स्थानीय प्रशासन के संचालन में अहम माना जाता था। शकुंतला आर्या ने बीजेपी की ओर से इस पद को संभालते हुए पार्टी की पहली महिला मेयर के रूप में पहचान बनाई।

उनके निधन के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उनके कार्यों को याद किया जा रहा है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम किया और पार्टी के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में योगदान दिया।

शकुंतला आर्या की उम्र 98 वर्ष थी। उन्होंने जीवन के लंबे समय तक सार्वजनिक क्षेत्र में सक्रिय रहकर समाज और राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उनके निधन को दिल्ली बीजेपी और नगर राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि शकुंतला आर्या का जीवन अनुशासन, सेवा और समर्पण का उदाहरण था। उन्होंने जिस समय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई, उस समय महिलाओं की भागीदारी सीमित थी। इसके बावजूद उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालकर अपनी अलग पहचान बनाई।

दिल्ली नगर निगम की राजनीति में महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने में भी शकुंतला आर्या की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके मेयर बनने से अन्य महिलाओं को भी सार्वजनिक जीवन में आगे आने की प्रेरणा मिली।

उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों की ओर से भी शोक संदेश आने की संभावना है। सभी ने उनके योगदान को याद करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

शकुंतला आर्या का जाना दिल्ली के राजनीतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। उन्होंने जिस दौर में राजधानी की स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई, वह समय दिल्ली के प्रशासनिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने दिल्ली के लोगों की सेवा की और अपने कार्यों से सार्वजनिक जीवन में एक अलग पहचान बनाई।

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