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Delhi विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री ब्रह्म प्रकाश को श्रद्धांजलि

Delhi दिल्ली सोमवार को दिल्ली विधानसभा ने दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश को उनकी 108वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। विधानसभा परिसर में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने की। इस वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता को श्रद्धांजलि देते हुए गुप्ता ने कहा, "आधुनिक दिल्ली की कहानी चौधरी ब्रह्म प्रकाश के असाधारण योगदान को याद किए बिना नहीं लिखी जा सकती। उनकी सोच, प्रतिबद्धता और नेतृत्व ने ही शहर की लोकतांत्रिक और विकास यात्रा को आकार दिया।"
सभा को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कम उम्र में ही स्वतंत्रता संग्राम में ब्रह्म प्रकाश की भागीदारी को याद किया। उन्होंने बताया कि वे बिना किसी राजनीतिक पद, व्यक्तिगत पहचान या भौतिक लाभ की इच्छा के ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन में शामिल हुए थे। गुप्ता ने कहा कि भविष्य के मुख्यमंत्री और सांसद सार्वजनिक जीवन में केवल भारत की आजादी में योगदान देने के उद्देश्य से आए थे और औपनिवेशिक दौर में उन्होंने असाधारण साहस, दृढ़ विश्वास और संकल्प का परिचय दिया।
आजादी के बाद उनकी जनसेवा का जिक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि ब्रह्म प्रकाश ने सादा, अनुशासित और सिद्धांतों वाला जीवन जीते हुए दिल्ली के विकास, किसानों के कल्याण और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों के समाधान के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित रखा। उन्होंने कहा कि सत्ता और जिम्मेदारी के पदों पर रहने के बावजूद, पूर्व मुख्यमंत्री ने उन मूल्यों, आदर्शों और संघर्षों को कभी नहीं छोड़ा, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को परिभाषित किया था।
आपातकाल के दौरान उनकी भूमिका को याद करते हुए गुप्ता ने बताया कि प्रकाश ने 19 महीने जेल में बिताए और काफी कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने कहा कि उनकी जेल यात्रा लोकतंत्र, नागरिक स्वतंत्रता, संवैधानिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति उस नेता की आजीवन प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दिल्ली विधानसभा परिसर में लगी ब्रह्म प्रकाश की प्रतिमा का जिक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि यह उस सम्मान और प्रशंसा का प्रतीक है जो उन्होंने दशकों की समर्पित जनसेवा से हासिल की थी। उन्होंने यह भी याद किया कि तत्कालीन विपक्ष के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विधानसभा आकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी और प्रतिमा का औपचारिक उद्घाटन किया था। ब्रह्म प्रकाश को साहस, ईमानदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक बताते हुए गुप्ता ने कहा कि उनका जीवन और काम जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों, दोनों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे दिवंगत नेता की जन-कल्याण, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा के प्रति प्रतिबद्धता से प्रेरणा लें।





