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Delhi: दिल्ली से हरिद्वार का सफर होगा आसान, सिर्फ 1 घंटे में पहुंचेगी यात्री सेवा

Delhi: अगर आप भी दिल्ली एनसीआर या आस पास के इलाकों में रहते हैं और उत्तराखंड जाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपको खुश कर देगी। आपको बता दें कि दिल्ली (Delhi) से हरिद्वार (Haridwar) पहुंचना अब और भी आसान होने वाला है। दिल्ली से उत्तराखंड जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। यूपी और उत्तराखंड के बीच नई रेलवे लाइन के शुरू होने पर दिल्ली समेत यूपी के कई शहरों से हरिद्वार (Haridwar) की काफी कम हो जाएगी और लोगों का कई घंटे का वक्त बचेगा।
यूपी और उत्तराखंड (Uttarakhand) के बीच नई लाइन का काम लगभग पूरा हो गया है। जिसके बन जाने के बाद देवबंद रुड़की रूट (Deoband Roorkee Route) पर सफर करना आसान हो जाएगा क्योंकि रेलवे प्रशासन ने नई रेल लाइन बना ली है। इस रेल लाइन के बनने न सिर्फ आसान होगी बल्कि लोगों का समय भी बचेगा। और दोनों जगहों की दूरी भी घटेगी। जल्दी ही रुड़की-देवबंद के बीच बनी नई लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।
35 किलोमीटर की दूरी होगी कम: रुड़की-देवबंद रेल मार्ग (Deoband Roorkee Route) निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा लगभग 18 साल पहले हुई थी। साल 2008 में सर्वे का काम भी पूरा कर लिया गया था और 2010 तक कुछ काम शुरू हुआ था। काफी समय इंतजार करने के बाद रुड़की-देवबंद रेलवे लाइन का काम पूरा हो गया है। रुड़की रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने के लिए ट्रेन अब तक सहारनपुर स्टेशन पर जाती है। इसके बाद सहारनपुर से दिल्ली जाती है लेकिन रुड़की रेलवे स्टेशन से अब दिल्ली वाली ट्रेनों को सहारनपुर नहीं जाना होगा। यह ट्रेनें देवबंद जाएंगी और यहां से सीधे दिल्ली निकल जाएगी। नई रेल लाइन से रुड़की से दिल्ली की करीब 35 किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी।
यह नई रेल लाइन मुरादाबाद और दिल्ली मंडल (Delhi Division) का हिस्सा है। इसकी लंबाई 27 किमी है। अगर 29 को होने वाला सीआरएस का निरीक्षण सफल रहा, तो इस लाइन पर रेल संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी। रुड़की और देवबंद के बीच रेलवे ने 2 नए स्टेशन झबरेड़ा और बन्हेड़ा खास भी बनाए गए हैं, जिन्हें रेल मंत्रालय से नोटिफाइड किया जाना बाकी है। लगभग 19 साल पहले शुरू हुई नई रेल लाइन पर ट्रेन चलाने की योजना अब साकार होने को है।
रुड़की-देवबंद नई रेल लाइन का 29 तारीख को निरीक्षण होना है। सीआरएस रेल रूट (CRS Rail Route) और ट्रैक की स्पीड को चेक करेंगे। सीआरएस की रिपोर्ट के बाद इस लाइन पर रेल संचालन शुरू हो जाएगा। शुरुआत में इस रूट पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू किया जाएगा। 2006 से शुरू हुई नई रेल लाइन पर ट्रेनें जल्द ही चलने लगेंगी। रेलवे ने नई रेल लाइन के निर्माण और दूसरे काम पूरे कर लिए हैं। सीआरएस इस रेल लाइन की फिटनेस परखेंगे और 110 किमी प्रति घंटे की स्पीड ट्रायल भी करेंगे। सीआरएस की रिपोर्ट के बाद इस लाइन पर ट्रेनें चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा। मुरादाबाद रेल मंडल में नई रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है।





