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दिल्ली के व्यापारियों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, हस्तक्षेप की मांग

Kiran
17 Oct 2026 9:33 AM IST
दिल्ली के व्यापारियों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, हस्तक्षेप की मांग
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Delhi दिल्ली के व्यापारियों ने संबंधित अधिकारियों से त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन के दौरान व्यावसायिक गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि राजनीतिक प्रदर्शन, रास्ते रोकना और ट्रैफिक पाबंदियां लगाने से हर दिन लगभग 250 करोड़ रुपये के कारोबार पर बुरा असर पड़ सकता है। 'भारतीय उद्योग व्यापार मंडल' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और बाधाओं को कम करने की मांग की है। संगठन ने मांग की है कि 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए।
व्यापारियों का कहना है कि बार-बार होने वाले प्रदर्शन, ट्रैफिक डायवर्जन और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है और प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में सामान की ढुलाई भी प्रभावित हो रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, सोनीपत और पानीपत जैसे पड़ोसी शहरों से आने वाले खरीदारों को भी दिल्ली के बाजारों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनकी इस अपील का मकसद विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार को कम करना नहीं है, बल्कि इस अधिकार के साथ-साथ लोगों की आजीविका, आम जनता की सुविधा और बाजारों तक पहुंच के बीच संतुलन बनाना है। इस पत्र पर दिल्ली के महासचिव हेमंत गुप्ता, राकेश यादव और प्रदीप गुप्ता के हस्ताक्षर हैं।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने 'दिल्ली किराना कमेटी' और 'दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट्स एसोसिएशन' द्वारा संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर एक याचिका पर सुनवाई की। इसमें त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन के दौरान व्यापारियों की आजीविका की सुरक्षा और प्रमुख बाजारों तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने छोटे दुकानदारों, फेरीवालों और स्टॉल मालिकों की परेशानियों को समझा। उन्होंने कहा कि यह समय उनकी कमाई और परिवार के भरण-पोषण के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह उठाई गई चिंताओं पर उचित कार्रवाई करेगा।
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