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दिल्ली को आज दो बड़ी सड़क परियोजनाओं की सौगात, अमित शाह करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और जाम की समस्या कम करने के लिए मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को चार बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स पर अहम कार्यक्रम होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वह दक्षिण दिल्ली में दो नई सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें मोदी मिल फ्लाईओवर विस्तार और सावित्री सिनेमा जंक्शन पर प्रस्तावित नया फ्लाईओवर शामिल है।
बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर दिल्ली के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह नया हिस्सा मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ेगा और मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इसके शुरू होने के बाद पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को अधिक सुगम रास्ता मिलेगा। पूरे कॉरिडोर के जरिए मयूर विहार फेज-1 से एम्स तक करीब 9 किलोमीटर का सिग्नल-फ्री मार्ग उपलब्ध होगा।
इस कॉरिडोर के शुरू होने से खास तौर पर मयूर विहार, सराय काले खां, लाजपत नगर और एम्स की दिशा में आने-जाने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अभी इन इलाकों के बीच यात्रा के दौरान कई व्यस्त मार्गों और ट्रैफिक सिग्नलों से होकर गुजरना पड़ता है। नया कॉरिडोर चालू होने के बाद एक वैकल्पिक और तेज रास्ता मिलेगा, जिससे मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सकता है।
बारापुला फेज-3 परियोजना का निर्माण कई वर्षों से चल रहा था। इसका काम 2015 के आसपास शुरू हुआ था और अलग-अलग कारणों से इसमें लंबी देरी हुई। अब करीब नौ साल की देरी के बाद इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी पूरी की गई है। इस परियोजना की लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।
अमित शाह मंगलवार को उत्तरी दिल्ली में मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना लंबे समय से ट्रैफिक दबाव झेलने वाले क्षेत्र में आवाजाही को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। मुकरबा चौक दिल्ली के प्रमुख यातायात जंक्शनों में से एक है और यहां बाहरी रिंग रोड समेत कई महत्वपूर्ण मार्ग जुड़ते हैं। नई सुविधा के शुरू होने से यहां वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और जाम कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुकरबा चौक परियोजना में हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के आसपास अंडरपास सुविधाओं का विकास भी शामिल है। यह प्रोजेक्ट भी विभिन्न कारणों, जिनमें कोविड-19 महामारी के दौरान आई रुकावटें शामिल हैं, से प्रभावित हुआ था। अब इसके पूरा होने के बाद उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के यात्रियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दक्षिण दिल्ली की दो अन्य सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। इनमें मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी की ओर आगे बढ़ाने की योजना शामिल है। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य मोदी मिल और कालकाजी क्षेत्र के बीच यातायात प्रवाह बेहतर करना और लगातार लगने वाले जाम से राहत देना है। इस हिस्से के विकसित होने से आगे आईआईटी गेट की दिशा में भी बेहतर सड़क संपर्क तैयार करने की योजना है।
दूसरी परियोजना सावित्री सिनेमा जंक्शन क्षेत्र से संबंधित है, जहां नया समानांतर फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इस क्षेत्र से ग्रेटर कैलाश, सीआर पार्क, नेहरू प्लेस और ओखला की ओर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। नई संरचना के निर्माण के बाद यहां यातायात के दबाव को कम करने और वाहनों की गति बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है। मोदी मिल विस्तार और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर परियोजनाओं की संयुक्त स्वीकृत लागत करीब 371 करोड़ रुपये बताई गई है।
दिल्ली में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण कई प्रमुख मार्गों पर जाम एक बड़ी समस्या बना हुआ है। ऐसे में सरकार का जोर फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने पर है। मंगलवार को उद्घाटन और शिलान्यास होने वाली ये परियोजनाएं पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित करेंगी।
बारापुला फेज-3 के चालू होने से सबसे बड़ा बदलाव पूर्वी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी में देखने को मिलेगा। मयूर विहार से सराय काले खां तक नया एलिवेटेड हिस्सा मौजूदा बारापुला फ्लाईओवर से जुड़कर यात्रियों को लंबा सिग्नल-फ्री मार्ग उपलब्ध कराएगा। वहीं, मुकरबा चौक अंडरपास उत्तर दिल्ली में स्थानीय यातायात को सुचारु करने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर मंगलवार का कार्यक्रम दिल्ली के सड़क ढांचे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो तैयार परियोजनाओं को जनता के लिए खोला जाएगा, जबकि दो नई परियोजनाओं का काम शुरू करने की औपचारिक शुरुआत होगी। सरकार का दावा है कि इनके पूरा होने और संचालन में आने के बाद राजधानी के कई व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम कम करने, यात्रा समय घटाने और सड़क संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।





