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Delhi : दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक, कई इलाकों में बारिश

Delhi दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून के आगमन के साथ ही राजधानी के विभिन्न हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक आ गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में मानसून का यह आगमन सामान्य समय से देरी से हुआ है। आमतौर पर मानसून राजधानी में 27 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार यह करीब पांच दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा है। इस देरी के बावजूद मानसून की सक्रियता से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद अगले तीन दिनों तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।
गुरुवार को मानसून की पहली बारिश के बाद राजधानी के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली।
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, 2021 के बाद यह पहला अवसर है जब मानसून ने जुलाई के महीने में दिल्ली में दस्तक दी है। वर्ष 2021 में मानसून 13 जुलाई को राजधानी पहुंचा था, जबकि इस बार यह उससे पहले सक्रिय हुआ है, लेकिन फिर भी यह सामान्य आगमन तिथि से पीछे रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की यह देरी क्षेत्रीय मौसम प्रणाली और हवाओं के पैटर्न में बदलाव के कारण हुई है। हालांकि अब मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।
बारिश के चलते राजधानी के कई हिस्सों में मौसम सुहावना हो गया है। सुबह और शाम के समय लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हो रहा है, जबकि दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। सड़क पर चलने वाले लोगों और दफ्तर जाने वालों को गर्मी से राहत मिली है।
हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने भी बारिश के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल निकासी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है ताकि भारी बारिश की स्थिति में किसी प्रकार की समस्या न हो।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता आसपास के राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी। हालांकि, बारिश का वितरण और उसकी तीव्रता आगे के दिनों में कृषि गतिविधियों पर प्रभाव तय करेगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली में मानसून की दस्तक ने राजधानी के मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं प्रशासन और नागरिकों को मौसम से जुड़ी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है।





