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दिल्ली को 9 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

Ratna Netam
22 Oct 2026 6:34 PM IST
दिल्ली को 9 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लगभग 9,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे दिल्लीवासियों के लिए खुशी का दिन बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पिछले डेढ़ वर्षों से यमुना नदी के पुनरुद्धार के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य आने वाले कुछ वर्षों में यमुना को स्वच्छ बनाना और नदी में पानी का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दिल्ली के विकास और यमुना की सफाई के लिए शुरू की गई परियोजनाएं राजधानी की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेंगी।उन्होंने कहा, "आज दिल्ली के लोगों के लिए खुशी का दिन है, क्योंकि लगभग 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। जिस तरह से सरकार ने यमुना नदी के पुनरुद्धार का काम शुरू किया है, अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में हम इस दिशा में लगातार मजबूती से आगे बढ़े हैं।"मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से राजधानी में पानी की आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था में सुधार होगा।
8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं की शुरुआत
दिल्ली सरकार के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली जल बोर्ड की कुल 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनकी कुल लागत लगभग 8,941.22 करोड़ रुपये है।इनमें 2,827.11 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।इन परियोजनाओं में जल शोधन संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नई सीवर लाइन, पंपिंग स्टेशन और जल निकासी व्यवस्था से जुड़े कार्य शामिल हैं।सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को बेहतर जल आपूर्ति और सीवरेज सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
यमुना में गंदा पानी जाने से रोकने की तैयारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना की सफाई केवल नदी के किनारों से कचरा हटाने तक सीमित नहीं है। इसके लिए दिल्ली की पूरी सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।सरकार की योजना है कि राजधानी के सभी क्षेत्रों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाए और नालों से निकलने वाले गंदे पानी को शोधन संयंत्रों तक पहुंचाया जाए।इसके जरिए बिना उपचारित सीवेज को यमुना में गिरने से रोकने का प्रयास किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वैज्ञानिक कार्ययोजना के आधार पर नदी की सफाई और जल संरक्षण के लिए काम कर रही है।
ओखला में बनेगा बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
यमुना सफाई अभियान के अंतर्गत ओखला में 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन क्षमता वाला नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है।इसके अलावा आठ मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उन्नयन किया जाएगा, जिससे उनकी संयुक्त शोधन क्षमता 78.2 एमजीडी से बढ़कर 140.8 एमजीडी होने का अनुमान है।बाहरी दिल्ली में 29 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशन से जुड़ी परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं।इनके माध्यम से सैकड़ों अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों को सीवरेज सुविधाओं से जोड़ने की योजना है।
चंद्रावल जल परियोजना का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित चंद्रावल जल परियोजना को राजधानी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।उन्होंने कहा कि जल शोधन संयंत्रों का आधुनिकीकरण और नई पाइपलाइन बिछाने से दिल्ली में पेयजल वितरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।रेखा गुप्ता ने इन परियोजनाओं में सहयोग के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी का भी आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो और गंदे पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था विकसित की जाए।
कुछ वर्षों में स्वच्छ यमुना बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार यमुना को स्वच्छ और निरंतर प्रवाहित होने वाली नदी बनाने के अपने संकल्प पर कायम है।उन्होंने कहा, "कुछ ही वर्षों में यमुना साफ हो जानी चाहिए और इसमें पानी बिना किसी रुकावट के बहना चाहिए। हम दिल्लीवासियों को यह उपहार देना चाहते हैं। हम अपने संकल्प पर कायम हैं और इसे पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।"हालांकि, नदी की वास्तविक सफाई परियोजनाओं के समय पर पूरा होने, सीवेज शोधन व्यवस्था के प्रभावी संचालन और प्रदूषण के अन्य स्रोतों पर नियंत्रण पर निर्भर करेगी।
यमुना सफाई अभियान में जनता की भागीदारी
दिल्ली सरकार ने हाल ही में 'चलो यमुना' अभियान के माध्यम से नागरिकों को नदी की सफाई से जोड़ने का प्रयास किया।19 अक्टूबर को राजधानी के लगभग 70 यमुना घाटों पर सफाई अभियान आयोजित किया गया था। इसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।सरकार का कहना है कि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ नागरिकों की भागीदारी भी यमुना संरक्षण के लिए आवश्यक है।फिलहाल दिल्ली सरकार की प्राथमिकता नई परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और यमुना में गिरने वाले प्रदूषित पानी की मात्रा कम करना है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के परिणाम से यह स्पष्ट होगा कि राजधानी की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना की स्थिति में कितना सुधार हुआ है।
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