दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली: पुलिस ने विदेश में व्यापार करने का झांसा देने वाले नाइजीनियन ठग को किया गिरफ्तार

Admin Delhi 1
30 March 2022 10:30 PM IST
दिल्ली: पुलिस ने विदेश में व्यापार करने का झांसा देने वाले नाइजीनियन ठग को किया गिरफ्तार
x

दिल्ली एनसीआर क्राइम एब्स: दिल्ली से सटे नोएडा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने विदेश में व्यापार करने का झांसा देकर ठगी करने वाले नाइजीरिया गिरोह के एक ठग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से वारदात में प्रयोग मोबाइल सहित अन्य सामान बरामद किया है। साइबर क्राइम एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि 24 जून 2021 को गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर 9 निवासी सोमित्र चक्रवर्ती ने शिकायत दी थी। आईटी कंपनी संचालक सोमित्र ने बताया था कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे जोना नाम की विदेशी महिला ने संपर्क किया था। आरोप था कि महिला ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विदेश में व्यापार का लालच देकर पीडि़त से करीब 88 लाख रुपए ठग लिए थे। इसको लेकर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी थी। पुलिस ने मामले में बुधवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर 23 स्थित गांव पौचनपुर से मौरेस स्लीवर नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मौरेस मूलरुप से नाइजीरिया के असाबा डेल्टा स्टेट का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से वारदात में प्रयोग 7 मोबाइल, 8 सिमकार्ड और 4 पासपोर्ट बरामद किए हैं। आरोपी ने कबूल किया है कि उसने व उसके साथियों ने सोमित्र के साथ ठगी की थी। पुलिस ने अपने कई साथियों के नाम व पते की जानकारी भी दी है। पुलिस की टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही है।

10 फर्जी बैंक खातों में मिले 12 करोड़ रुपए: एसपी सिंह ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि नाइजीरिया का गिरोह विदेश में व्यापार करने का लालच देकर भारतीय लोगों से ठगी करता है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रीता यादव ने बताया कि आरोपी 10 फर्जी बैंक खातों चला रहा था। इन्हीं खातों में ठगी की रकम मंगवाई जाती थी। यह बैंक खाते आरोपियों ने कुछ पैसे देकर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों की आईडी पर खुलवा रखे हैं। इसके अलावा कुछ खाते किराए पर लिये थे। इन खातों में करीब 12 करोड़ रुपए हैं। पुलिस ने दो खातों की जांच की तो पता चला कि इनसे करीब ढाई करोड़ रुपए का लेन देन किया गया है। पुलिस का मानना है कि गिरोह देशभर के सैंकड़ों लोगों से 30 करोड़ से ज्यादा रुपए की ठगी कर चुका है।

2015 में हेल्थ वीजा पर भारत आया था आरोपी: जांच में पता चला है कि मौरेस 2015 में हेल्थ वीजा पर भारत आया था। यहां आने के बाद वह अपने देश के अन्य ठगों के साथ मिल गया। फिर उसने कुछ महीनों बाद ही ठगी शुरु कर दी। आरोपी वीजा खत्म होने के बाद भी अवैध रुप से भारत में रह रहा है। एसपी सिंह ने कार्रवाई करने वाली टीम में शामिल इंस्पेक्टर रीता यादव सहित एसआई गजेंद्र सिंह, अजीत सक्सेना, सिपाही रवि कुमार, आकाश मलिक, धर्मदास तोमर और अरिहंत जैन को पांच हजार इनाम देने की घोषणा की है।

Next Story