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दिल्ली: पुलिस ने चाइनीज ऐप के जरिये जबरन उगाही को लेकर पांच आरोपित को किया गिरफ्तार

Admin Delhi 1
16 April 2022 12:02 AM IST
दिल्ली: पुलिस ने चाइनीज ऐप के जरिये जबरन उगाही को लेकर पांच आरोपित को किया गिरफ्तार
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दिल्ली क्राइम न्यूज़: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऐप के जरिये दिया गया लोन लौटाने के नाम पर धमकी देकर जबरन उगाही करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश करते हुए गैंग से जुड़े पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपित चीनी ऐप के जरिये इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। वह एक तरफ जहां ग्राहकों का डाटा चीन भेज रहे थे, वहीं जबरन उगाही से मिली रकम को भी क्रिप्टो करेंसी के जरिये चीन भेजते थे। अपराध शाखा के डीसीपी रोहित मीणा के अनुसार बीते 15 मार्च को पश्चिम बंगाल निवासी अनुराग ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात लोग उन्हें, उनके परिवार, दोस्त और रिश्तेदारों को फोन कर धमकी दे रहे हैं। वह फोन पर उनके साथ बदसलूकी कर रहे हैं। यह कॉल अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर से की जा रही है। यह धमकियां लोन के पैसे लौटाने के नाम पर दी जा रही है, जबकि उन्होंने ऐसा कोई लोन नहीं लिया है। वे खुद को एक अवैध चाइनिंग फाइनेंस कंपनी 'कैश एडवांस हां' का सदस्य बताते हैं। इस शिकायत पर अपराध शाखा में एक मामला दर्ज किया गया था।

उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच एसीपी राजकुमार की देखरेख में शुरू की। कॉल डिटेल से पुलिस को पता चला कि फर्जी व्हाट्सएप नंबर से कॉल की जा रही है। इन मोबाइल नंबर के असली मालिकों को इस व्हाट्सएप के बारे में जानकारी नहीं है। यह ज्यादातर मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल और असम के थे। पुलिस टीम ने आईपी एड्रेस, पेमेंट गेटवे, कॉल डिटेल आदि की बारीकी से जांच की। इससे पता चला कि इनमें से एक आरोपित दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर है। बिजवासन इलाके से पुलिस टीम ने सोनू सिंह को पकड़ लिया। वह इन लोगों को कॉल कर धमकी दे रहा था। उसके पास से धमकी देने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी बरामद हो गया। उसने पुलिस को बताया कि वह इस कंपनी के लिए रिकवरी एजेंट का काम करता है। सोनू की निशानदेही पर पुलिस टीम ने फर्रुखाबाद निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस को पता चला कि विकास कुमार टेलीकॉलर की टीम चलाता है। वह लोगों को इस तरह से धमकी देते हैं। वह न केवल लोन लेने वालों को धमकाते हैं बल्कि उनके कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद सभी लोगों को धमकी देते हैं। पुलिस को जांच में पता चला कि अगर कोई ऐप के माध्यम से लोन लेना चाहता है तो उसे यह ऐप डाउनलोड करना पड़ता है। डाउनलोड करते समय यह ऐप उनसे कांटेक्ट लिस्ट, फोटो, गैलरी और अन्य निजी जानकारी को सांझा करने की अनुमति मांगती है।

उन्हें बताया जाता है कि 60 दिन तक लोन का कोई ब्याज नहीं होगा, लेकिन जैसे ही वह उसे परमिशन देते हैं उनका डाटा चाइनीज सर्वर पर चला जाता है। इसके साथ ही लोन अमाउंट उनके बैंक खाते में चला जाता है। लोन पहुंचने के अगले दिन से ही वह कांटेक्ट में मौजूद सभी लोगों को फोन कर धमकाना शुरू करते हैं। लोन वापस मिलने के बाद भी वह लोगों को धमकाते हैं। इनसे हुई पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपितों हरप्रीत सिंह और पंकज कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह इस कंपनी में मैनेजर के रूप में काम करते थे। इसके बाद जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया जो उन्हें व्हाट्सएप नंबर उपलब्ध कराता था। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि 6000 रुपये के लोन में आरोपित 2300 रुपये सर्विस चार्ज काटकर केवल 3700 रुपये ही देते थे। पुलिस को यह भी पता चला है कि इस एप्लीकेशन के जरिए लोगों का डाटा चाइना के सर्वर पर भेजा जा रहा था। इसका इस्तेमाल लोगों से जबरन उगाही और ब्लैक मेलिंग के लिए किया जा रहा था। यह भी पता चला कि यह पूरी रकम चाइना भेजी जा रही थी। कृष्णा नामक युवक क्रिप्टो करेंसी के जरिए इन्हें वहां भेज रहा था।

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