- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- दिल्ली पुलिस ने पंजाब...

x
Delhi अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने 56 वर्षीय एक कथित ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। वह 2017 के नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में 'घोषित अपराधी' (proclaimed offender) करार दिए जाने के बाद से आठ साल से फरार चल रहा था। इस मामले में 4 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले का रहने वाला आरोपी दरबारा सिंह उर्फ बिल्ला, स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज टीम की लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद पटियाला से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, 1 मई 2017 को स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत दर्ज एक FIR के सिलसिले में सिंह को उसके एक साथी, अजय उर्फ संदीप के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके पास से 4 किलो हेरोइन बरामद की थी। बाद में एक और आरोपी, बूटा सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। मुकदमे के दौरान, दरबारा सिंह को अंतरिम जमानत मिल गई थी, लेकिन जमानत की अवधि खत्म होने के बाद भी उसने सरेंडर नहीं किया। 31 अक्टूबर 2018 को अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' करार दे दिया। इसके बाद वह अपना गांव छोड़कर गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपने लगा।
पुलिस ने बताया कि निगरानी और खुफिया सूत्रों से पता चला कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना नाम बदलकर "दरवारा राम" रख लिया था। बताया जाता है कि पंजाब के फगवाड़ा में आने से पहले वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी रहा था। आखिरकार, उसे पटियाला में खोज निकाला गया और गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह लगभग तीन दशकों से नशीले पदार्थों के धंधे में शामिल था। उसने 1996 में पंजाब के एक ड्रग सप्लायर, दयाल सिंह के साथ जुड़कर इस काम में कदम रखा था, जहां वह एक 'कैरियर' (सामान पहुंचाने वाला) के तौर पर काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, उसे पहली बार 1997 में होशियारपुर जिले की महलपुर पुलिस ने सात अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय उनके पास से कथित तौर पर 3 टन पोस्ता भूसा (poppy straw) बरामद हुआ था। इसके बाद 1998 में, जालंधर जिले की फिल्लौर पुलिस ने उसे चार अन्य लोगों के साथ फिर से गिरफ्तार किया। यह मामला 1,600 किलो पोस्ता भूसे से जुड़ा था। साल 2008 में, सलेम टाबरी पुलिस ने उसे 680 किलो पोस्ता भूसा (पॉपी स्ट्रॉ) रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, उसे तीनों मामलों में दोषी ठहराया गया था। सजा काटते समय उसे पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन वह फरार हो गया। इस दौरान वह बूटा सिंह के संपर्क में आया और कथित तौर पर हेरोइन की तस्करी करने लगा। पुलिस के अनुसार, वह खुद भी इस नशे का सेवन करने लगा था। पेशे से ट्रक ड्राइवर और हेल्पर, दरबारा सिंह अपने परिवार से बहुत कम ही मिल पाता था, क्योंकि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार भागता फिरता था और अक्सर मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बीच आता-जाता रहता था।
Next Story





