- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- Delhi पुलिस ने 5...

Delhi दिल्ली अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने बुधवार को आठ सदस्यों वाले एक टेरर मॉड्यूल के पांच और सदस्यों को गिरफ़्तार किया है। इन पर पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर शहज़ाद भट्टी से जुड़े होने का आरोप है। गौरतलब है कि हाल ही में अमृतसर के मजीठा में एक ASI की हत्या की ज़िम्मेदारी 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) ने ली थी। अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपियों को दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने, पोस्टरों के ज़रिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स का प्रचार करने और दिल्ली-NCR इलाके में ग्रैफ़िटी बनाकर कथित आतंकी संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' को लोकप्रिय बनाने का काम सौंपा गया था।
आरोपियों की पहचान सोहेल (26), सोनू मीणा (30), सचिन कुमार मीणा (20), मोहम्मद कैफ़ (21) और मोहम्मद रिहान (20) के तौर पर हुई है। ये हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। DCP (स्पेशल सेल) प्रवीण कुमार त्रिपाठी के अनुसार, यह मॉड्यूल शहज़ाद भट्टी और पाकिस्तान में मौजूद उसके साथियों के निर्देशों पर काम कर रहा था। त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए हैंडलर्स के संपर्क में थे। उन्हें पुलिस ठिकानों की रेकी (निगरानी) करने, युवाओं को भर्ती करने, हथियार जुटाने और सुरक्षाकर्मियों पर हमले करने जैसे काम सौंपे गए थे।
पुलिस ने पांच हथियार, 10 ज़िंदा कारतूस, भट्टी नेटवर्क के कथित सदस्य आबिद जट्ट के पोस्टर और पुलिसकर्मियों को धमकी देने वाले वीडियो समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री ज़ब्त की है। DCP ने बताया कि सोहेल ने दिल्ली और फ़रीदाबाद में कई जगहों पर TTH की ग्रैफ़िटी बनाई थी और पैसे के बदले अपने हैंडलर को वीडियो भेजे थे।
सोनू और सचिन कुमार पर अवैध हथियार जुटाने और रखने का आरोप है। त्रिपाठी ने बताया कि मोहम्मद कैफ़ को पुलिस स्टेशनों की रेकी करने और फ़ायरिंग व ग्रेनेड हमले करने के लिए लोगों को भर्ती करने का काम सौंपा गया था, जबकि रिहान ने कथित तौर पर आबिद जट्ट के पोस्टर चिपकाए थे और उसे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के लिए 3 लाख रुपये की पेशकश की गई थी। ये गिरफ़्तारियां 'ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0' के तहत मॉड्यूल के तीन अन्य सदस्यों — सोयब, अनमोल राय उर्फ अन्नू और रवि कश्यप — की गिरफ़्तारी के बाद हुई हैं। पुलिस ने बताया कि इन तीनों को भी पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने और नेटवर्क के लिए प्रोपेगैंडा फैलाने का निर्देश दिया गया था। अन्य साथियों की पहचान करने और मॉड्यूल की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के लिए आगे की जांच चल रही है।





