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संसद मार्च के बाद दिल्ली हाई अलर्ट, जंतर-मंतर पर कड़ी सुरक्षा

नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान सोमवार को हुए उपद्रव के बाद राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। खासतौर पर जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। प्रदर्शन स्थल पर प्रवेश के लिए पांच लेयर की बैरिकेडिंग और सघन जांच व्यवस्था लागू की गई है।
जंतर-मंतर पर पहुंचने वाले हर व्यक्ति को कई स्तरों की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। पुलिसकर्मी पहचान पत्र, बैग और साथ लाए गए सामान की बारीकी से जांच कर रहे हैं। बिना जांच के किसी को भी प्रदर्शन स्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।
मंगलवार को जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहे। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हालात की निगरानी करते रहे और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करते रहे।
पुलिस ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए तकनीकी निगरानी भी बढ़ा दी है। पूरे इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भीड़ के बीच तैनात किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की तुरंत पहचान की जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और अतिरिक्त बल को अलर्ट पर रखा है। पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखना और किसी भी तरह की हिंसक स्थिति को रोकना है।
संसद मार्च के बाद नई दिल्ली जिले के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। सुरक्षा कारणों से संसद मार्ग, टॉल्सटॉय मार्ग, जनपथ, अशोका रोड, इंडिया गेट और आसपास के कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। कई मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया और केवल पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों तथा आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी गई।
बैरिकेडिंग और वाहनों की जांच के कारण आसपास के वैकल्पिक मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया। कार्यालय जाने वाले लोगों और आम यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और लंबा रास्ता तय करना पड़ा।
इसके अलावा संसद के मानसून सत्र के चलते वीवीआईपी मूवमेंट भी जारी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे प्रदर्शन और अन्य राजनीतिक गतिविधियों के कारण भी नई दिल्ली क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
यातायात पुलिस ने पहले ही लोगों को प्रभावित मार्गों से बचने की सलाह जारी की थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था में और बदलाव किया जा सकता है।
संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब प्रदर्शन में शामिल लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं। पुलिस का कहना है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।





