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Delhi : स्वास्थ्य उपकरण और दवा खरीद मामले में नया खुलासा

Kavita2
7 July 2026 10:00 AM IST
Delhi : स्वास्थ्य उपकरण और दवा खरीद मामले में नया खुलासा
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Delhi दिल्ली: दिल्ली में स्वास्थ्य उपकरण और दवाओं की खरीद से जुड़े कथित 650 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) की जांच में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई है कि अस्पतालों के लिए चादरों की खरीद एक ही परिवार से जुड़ी तीन फर्मों से की गई थी। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि इन चादरों की कीमत बाजार दर से करीब तीन गुना अधिक बताई गई थी।

जांच एजेंसी अब खरीद प्रक्रिया, संबंधित कंपनियों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और तथ्यों के सामने आने की संभावना है।

तीन फर्मों से हुई चादरों की खरीद

एसीबी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी खरीद प्रक्रिया में जिन फर्मों से चादरें खरीदी गईं, वे कथित रूप से एक ही परिवार से संबंधित थीं।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या खरीद प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया था या फिर किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से टेंडर और खरीद व्यवस्था में बदलाव किया गया।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों की जांच में कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जिनसे खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

बाजार कीमत से ज्यादा भुगतान का आरोप

जांच में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु चादरों की कीमत को लेकर सामने आया है। आरोप है कि जिन चादरों की खरीद की गई, उनके लिए बाजार मूल्य से करीब तीन गुना ज्यादा भुगतान किया गया।

एसीबी अब यह जांच कर रही है कि चादरों की वास्तविक कीमत क्या थी और सरकारी खरीद में कितनी राशि का भुगतान किया गया।

इसके लिए एजेंसी संबंधित विक्रेताओं, सप्लाई रिकॉर्ड, बिल और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

यदि जांच में कीमतों में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला और गंभीर हो सकता है।

स्वास्थ्य खरीद प्रक्रिया पर उठे सवाल

दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खरीद को लेकर सामने आए इस मामले ने सरकारी खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और अन्य जरूरी सामान की खरीद बड़े स्तर पर होती है। ऐसे में खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता से सरकारी खजाने पर सीधा असर पड़ता है।

एसीबी अब यह जांच कर रही है कि खरीद के दौरान किस स्तर पर निर्णय लिए गए और किन अधिकारियों की भूमिका रही।

650 करोड़ के कथित घोटाले की जांच जारी

यह मामला स्वास्थ्य उपकरण और दवाओं की खरीद से जुड़े करीब 650 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से संबंधित है। एसीबी इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या खरीद में नियमों की अनदेखी हुई, क्या कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और क्या सरकारी धन का गलत इस्तेमाल हुआ।

अब तक की जांच में खरीद की कई श्रेणियों की समीक्षा की जा रही है। इनमें चिकित्सा उपकरण, दवाएं और अन्य स्वास्थ्य सामग्री शामिल हैं।

दस्तावेजों और कंपनियों की जांच

एसीबी ने जांच के दौरान खरीद से जुड़े दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है। इसमें टेंडर प्रक्रिया, सप्लाई ऑर्डर, बिल, भुगतान रिकॉर्ड और कंपनियों के बीच संबंधों की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अलग-अलग नामों से काम करने वाली कंपनियों के पीछे एक ही समूह या परिवार का नियंत्रण था।

इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि खरीद के लिए तय मानकों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।

आगे और खुलासे की संभावना

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और जानकारी सामने आ सकती है।

जांच एजेंसी सभी संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है और जरूरत पड़ने पर अन्य दस्तावेज भी जब्त किए जा सकते हैं।

हालांकि, अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और किसी भी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी अंतिम रूप से तय नहीं की गई है।

पारदर्शिता पर जोर

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी खरीद में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है। सरकार और जांच एजेंसियां लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती हैं कि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो।

दिल्ली के इस कथित घोटाले की जांच के बाद यह साफ हो पाएगा कि खरीद प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं।

फिलहाल एसीबी की जांच जारी है और चादरों की खरीद में सामने आए नए तथ्यों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क और खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

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