दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली नगर निगम प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 100 कर्मियों की टीम करेगी तैयार, जानिए पूरी खबर

Admin Delhi 1
27 Jun 2022 11:23 AM IST
दिल्ली नगर निगम प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 100 कर्मियों की टीम करेगी तैयार, जानिए पूरी खबर
x

दिल्ली न्यूज़: दिल्ली नगर निगम प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अपने कर्मचारियों को तैयार करने का निर्णय लिया है। निगम राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के सहयोग से अपने 100 कर्मंचारियों को कुशल आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा, जिससे किसी भी प्राकृतिक आपदा और अप्रिय स्थिति से कुशलता से निपटा जा सके। इसके लिए पहले चरण में निगम के 100 कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए चिन्हित किया गया है, जिसमें बेलदार, माली और तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे। इस प्रकार चरणवार रूप से कर्मचारियों के प्रशिक्षण कि व्यवस्था की जाएगी। बता दें कि इन 30 जून 2022 से उद्योग सदन, पटपडग़ंज औद्योगिक क्षेत्र स्थिति शाहदरा दक्षिणी जोन के कार्यालय में इन कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

निगम के अनुसार इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को पत्र लिखकर उद्योग सदन, पटपडग़ंज औद्योगिक क्षेत्र स्थित शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र के कार्यालय के सभागार और खुले मैदान जैसी उपलब्ध सुविधाओं के साथ ही भवन का निरीक्षण करने का अनुरोध किया गया है, जिससे ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहतर तरीके से चलाया जा सके। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम द्वारा कर्मचारियों को 'प्राइमरी रिस्पांडर' बनने के लिए एक बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसमें बचाव, प्राथमिक चिकित्सा, टीम समन्वय, उखड़े हुए पेड़ों, इमारत के मलबे को हटाने के दौरान पालन किए जाने वाले सुरक्षित अभ्यास शामिल होंगे। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ के साथ निकट समन्वय में निगम के कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ ही आपदा केंद्रों पर संसाधनों की सूची बढ़ाने और उपकरणों को अपग्रेड करने का भी निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम के पास में 12 आपदा केंद्र हैं जो मुख्य रूप से उखड़े हुए पेड़, इमारत ढहने, डंप साइटों पर आग और जल-जमाव की समस्याओं से निपटते हैं। एमसीडी के एक अधिकारी ने कहा कि शहर में पिछले कुछ दिनों में मुंडका, बवाना, अनाज मंडी में कारखानों और होटल में आग लगने की कई घटनाएं देखी गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में एनडीआरएफ के विशेषज्ञ दलों के बचाव अभियानों के लिए पहुंचने तक ''प्राथमिक बचावकर्ता'' की भूमिका अहम बन जाती है।

Next Story