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ब्रिक्स मेहमानों के लिए तैयार दिल्ली के स्मारक पर्यटकों का प्रवेश जारी

Kavita2
12 Sept 2026 2:07 PM IST
ब्रिक्स मेहमानों के लिए तैयार दिल्ली के स्मारक पर्यटकों का प्रवेश जारी
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नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल विदेशी मेहमानों के ऐतिहासिक स्मारकों के संभावित भ्रमण को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा और लाल किला समेत दिल्ली के तीन विश्व धरोहर स्मारकों पर नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। हालांकि, इन तैयारियों के बीच आम पर्यटकों के लिए स्मारकों का प्रवेश बंद नहीं किया गया है। किसी विशिष्ट विदेशी मेहमान के पहुंचने की स्थिति में सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए पर्यटकों की आवाजाही रोकी जा सकती है।

ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर राजधानी पहुंचे विदेशी अतिथियों को दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत देखने का अवसर मिल सकता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए एएसआई संबंधित स्मारकों पर व्यवस्थाओं की तैयारी कर रहा है। फिलहाल किसी विशेष विदेशी मेहमान के भ्रमण की पुष्टि या उसके समय का विवरण उपलब्ध नहीं है। तैयारियां संभावित कार्यक्रम के आधार पर की जा रही हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्मारक पर व्यवस्थाओं का समन्वय किया जा सके और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके।

तीनों स्मारकों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती इस तैयारी का प्रमुख हिस्सा है। नोडल अधिकारी किसी कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाओं में संपर्क और समन्वय की भूमिका निभाते हैं। विदेशी मेहमान के संभावित आगमन के दौरान ऐसी व्यवस्था संबंधित स्तरों पर सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद कर सकती है। हालांकि, तैनात अधिकारियों के नाम और उनकी विस्तृत जिम्मेदारियों का ब्यौरा सामने नहीं आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा और लाल किला पर यह व्यवस्था की गई है।

आम पर्यटकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन स्मारकों को बंद नहीं किया गया है। ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी तैयारियों के बावजूद सामान्य प्रवेश जारी है। इसलिए विदेशी अतिथियों के संभावित भ्रमण को पूरे दिन या सम्मेलन की पूरी अवधि के लिए प्रवेश बंद होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। स्मारकों पर पहुंचने वाले पर्यटक सामान्य व्यवस्था के तहत प्रवेश कर सकते हैं। संभावित बदलाव केवल किसी विशिष्ट अतिथि के आगमन के समय सुरक्षा आवश्यकताओं से संबंधित हो सकता है।

किसी विदेशी मेहमान के स्मारक पर पहुंचने की स्थिति में कुछ समय के लिए सामान्य पर्यटकों की आवाजाही रोकने की संभावना है। यह सुरक्षा कारणों से लागू होने वाली अस्थायी व्यवस्था होगी। ऐसी रोक कितनी देर रहेगी, किस प्रवेश मार्ग या परिसर के किस हिस्से पर लागू होगी, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए अभी किसी निश्चित अवधि का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। वास्तविक स्थिति अतिथि के कार्यक्रम और उस समय की सुरक्षा जरूरतों के अनुसार स्पष्ट होगी।

इस व्यवस्था में सामान्य पर्यटन और विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है। ऐतिहासिक स्मारकों पर अलग-अलग समय में पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। वहीं, विशेष अतिथि के आगमन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं हो सकती हैं। अस्थायी रूप से आवागमन रोकने का प्रावधान इन्हीं परिस्थितियों से जुड़ा है। फिलहाल सामने आई जानकारी में व्यापक प्रवेश प्रतिबंध की घोषणा नहीं है। पर्यटकों के लिए सामान्य पहुंच बनी हुई है और संभावित रोक परिस्थिति के अनुसार सीमित समय के लिए हो सकती है।

कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा और लाल किला दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। तीनों स्मारक विश्व धरोहर के रूप में विशेष महत्व रखते हैं। इनका संभावित भ्रमण विदेशी अतिथियों को राजधानी की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर दे सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कोई मेहमान तीनों स्थानों पर जाएगा या किसी एक स्मारक का भ्रमण करेगा। एएसआई की तैयारियों को संभावित आवश्यकता के लिए की गई व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।

स्मारकों के भ्रमण की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए प्रवेश जारी रहने की सूचना राहत देने वाली है। उन्हें किसी विशेष अतिथि के पहुंचने पर अस्थायी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में परिसर में दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। अभी प्रवेश शुल्क, नियमित समय या टिकट व्यवस्था में बदलाव का कोई विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन विषयों पर किसी नई व्यवस्था का दावा नहीं किया जा सकता। सामने आई सूचना मुख्य रूप से संभावित सुरक्षा प्रतिबंध से संबंधित है।

विदेशी मेहमानों के संभावित भ्रमण को लेकर तैयारी तेज होने से स्मारकों पर व्यवस्थाओं का महत्व बढ़ गया है। नोडल अधिकारियों की तैनाती से संबंधित कार्यक्रम के लिए संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास दिखाई देता है। आगे किसी अतिथि का भ्रमण तय होने पर समय और आवश्यक प्रबंधों की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल तैयारियों का केंद्र संभावित आगमन है। किसी निश्चित यात्रा कार्यक्रम, स्मारकवार सूची या सभी विदेशी प्रतिनिधियों के सामूहिक भ्रमण की जानकारी सामने नहीं आई है।

ब्रिक्स सम्मेलन के बीच दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े इन तीन प्रमुख स्थलों पर तैयारी जारी है। एएसआई ने संभावित विदेशी अतिथियों के भ्रमण के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए हैं। आम पर्यटकों का प्रवेश खुला है। केवल विशिष्ट मेहमान के आगमन पर सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आवाजाही रोकी जा सकती है। इससे संबंधित वास्तविक व्यवस्था कार्यक्रम तय होने और अतिथि के पहुंचने की स्थिति में सामने आएगी। तब तक स्मारकों को सामान्य पर्यटकों के लिए बंद मानने का आधार नहीं है।

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