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Delhi: ई-रिक्शा चालकों के प्रशिक्षण नियमों में बड़ा बदलाव

Kavita2
6 Jun 2026 6:01 PM IST
Delhi: ई-रिक्शा चालकों के प्रशिक्षण नियमों में बड़ा बदलाव
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नई दिल्ली : दिल्ली में ई-रिक्शा से संबंधित सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने लाइसेंस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब ई-रिक्शा और ई-कार्ट चालकों के लिए डीलरों द्वारा जारी किए जाने वाले प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को मान्य नहीं माना जाएगा। दिल्ली सरकार ने इस व्यवस्था पर रोक लगा दी है।

नए नियमों के अनुसार, ई-रिक्शा और बैटरी चालित वाहन चलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने वाले आवेदकों को अब केवल सरकार से अनुमति प्राप्त संस्थाओं से ही प्रशिक्षण लेना होगा। इसके अलावा, लाइसेंस प्रक्रिया में ड्राइविंग टेस्ट से पहले 10 दिन के अनिवार्य प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना जरूरी होगा। यह प्रशिक्षण केवल मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूलों से ही प्राप्त किया जा सकेगा।

परिवहन विभाग का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विभाग के अनुसार, पहले डीलरों द्वारा जारी किए जाने वाले प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों की गुणवत्ता और मानक एक समान नहीं थे, जिससे कई बार अपर्याप्त प्रशिक्षण प्राप्त चालक सड़क पर वाहन चला रहे थे।

अब नई व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सरकार का सीधा नियंत्रण रहेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों, वाहन संचालन और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं की उचित जानकारी प्राप्त कर सकें।

अधिकारियों ने बताया कि हाल के वर्षों में ई-रिक्शा की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा देखा गया है। कई मामलों में अनप्रशिक्षित चालकों के कारण दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसे देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य न केवल यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना है, बल्कि ई-रिक्शा चालकों को एक व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रणाली के तहत लाना भी है। इससे चालकों की दक्षता बढ़ेगी और सड़क पर अनुशासन भी मजबूत होगा।

परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए नियमों का पालन सभी नए आवेदकों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। साथ ही, मौजूदा प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में और सुधार किए जा सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ई-रिक्शा संचालन में अधिक पेशेवरता आएगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना बढ़ेगी। वहीं, ड्राइविंग स्कूलों की भूमिका भी इस नई व्यवस्था में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।

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