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New Delhi नई दिल्ली : केंद्र सरकार अपने प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘एनीमिया मुक्त भारत (AMB) अभियान’ में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इस नए बदलाव के तहत अब 0 से 6 महीने के कम वजन (Low Birth Weight - LBW) वाले बच्चों को भी लाभार्थियों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसे अभियान के सातवें लाभार्थी समूह के रूप में जोड़ा जा रहा है।
सरकार का यह कदम जीवन के शुरुआती चरण से ही एनीमिया की समस्या को रोकने और बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के तुरंत बाद बच्चों में पोषण की कमी को दूर करना भविष्य में एनीमिया जैसी गंभीर समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस नई पहल के तहत अभियान को और अधिक व्यापक, तकनीक-आधारित और समुदाय-केंद्रित बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल एनीमिया की रोकथाम नहीं, बल्कि शुरुआती उम्र से ही बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) की 16वीं बैठक में इस नई रणनीति के लिए ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी करेंगे। इस बैठक में अभियान के विस्तार और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस संशोधित रणनीति में टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ाया जाएगा ताकि लाभार्थियों की पहचान, निगरानी और उपचार प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इसके साथ ही समुदाय स्तर पर जागरूकता और भागीदारी को भी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
एनीमिया मुक्त भारत अभियान पहले से ही विभिन्न आयु वर्गों और जोखिम समूहों को लक्षित करता रहा है। अब 0-6 महीने के कम वजन वाले नवजात बच्चों को शामिल करने से यह अभियान और अधिक समावेशी बन जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम वजन वाले बच्चों में एनीमिया और पोषण संबंधी समस्याओं का खतरा अधिक होता है, इसलिए समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी है। इस नए कदम से इन बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार आने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह रणनीति न केवल एनीमिया की रोकथाम में मदद करेगी, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाएगी। इसके तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे नए लाभार्थी समूह तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें।
इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे कार्यक्रम की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।
सरकार का उद्देश्य है कि देश में एनीमिया के मामलों में तेजी से कमी लाई जाए और विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं में पोषण स्तर में सुधार हो। इस दिशा में एनीमिया मुक्त भारत अभियान को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल माना जा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ भी इस नई रणनीति पर चर्चा की जाएगी, ताकि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
कुल मिलाकर, यह बदलाव भारत में बाल स्वास्थ्य और पोषण नीति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में एनीमिया की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।





