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Delhi : फ्रेंच निवेशकों को भारत का न्योता

Kavita2
3 July 2026 12:35 PM IST
Delhi : फ्रेंच निवेशकों को भारत का न्योता
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नई दिल्ली : भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस के बिजनेस समुदाय और निवेशकों को भारत की ‘विकसित भारत 2047’ यात्रा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि दोनों देशों के बीच साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सके।

पेरिस में आयोजित इंडिया-फ्रांस बिजनेस राउंडटेबल (India-France Business Roundtable) को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने फ्रेंच निवेशकों से स्वास्थ्य क्षेत्र, फार्मास्यूटिकल्स और जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) में सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपनी-अपनी क्षमताओं का लाभ उठाकर एक मजबूत हेल्थकेयर वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से लाइफ साइंसेज, वैक्सीन निर्माण, एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (APIs), क्लिनिकल रिसर्च, प्रिसिजन मेडिसिन और डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में भारत और फ्रांस मिलकर वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

निर्मला सीतारमण ने भारत के तेज़ी से बढ़ते क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत 2030 तक 500 गीगावॉट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम जैसी योजनाएं देश में निवेश के नए अवसर पैदा कर रही हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि ये पहलें रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज, ऑफशोर विंड एनर्जी और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने फ्रेंच कंपनियों को इन क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि हरित ऊर्जा परिवर्तन को गति दी जा सके।

वित्त मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी में कहा गया कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि तकनीकी नवाचार और सतत विकास के नए रास्ते भी खोलेगा।





निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और निवेश के लिए एक स्थिर और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है। उन्होंने फ्रांस के निवेशकों को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संबंध पहले से मौजूद हैं, जिन्हें अब निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है। दोनों देशों के बीच तकनीक, ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।

भारत सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, विशेषकर यूरोपीय देशों के साथ, भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसी संदर्भ में फ्रांस को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के रूप में देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, वित्त मंत्री का यह दौरा और उनका संदेश भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य, ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों को आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।

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