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दिल्ली में “नो PUC, नो फ्यूल” सख्त, 4 दिन में 15,000+ गाड़ियों को ईंधन नहीं मिला

Delhi दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने “नो PUC, नो फ्यूल” नियम को और सख्ती से लागू कर दिया है। इस सख्ती का असर 26 से 29 अप्रैल के बीच देखने को मिला, जब सिर्फ चार दिनों में 15,000 से अधिक गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से मना कर दिया गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 26 अप्रैल को 3,525 गाड़ियों को वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण फ्यूल नहीं दिया गया। इसके बाद 27 अप्रैल को 4,012 गाड़ियां, 28 अप्रैल को 4,235 गाड़ियां और 29 अप्रैल को 3,906 गाड़ियों को भी पेट्रोल-डीजल देने से रोक दिया गया। इस तरह कुल 15,678 गाड़ियों को चार दिनों में फ्यूल नहीं मिला।
यह कार्रवाई राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए की गई है। सरकार ने 22 अप्रैल को यह स्पष्ट किया था कि बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों को दिल्ली में किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
हालांकि यह नियम अक्टूबर 2025 में लागू किया गया था, लेकिन इस साल अप्रैल में इसे जमीन पर और सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस नियम को प्रभावी तरीके से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया था।
एक अधिकारी के अनुसार, रोजाना बड़ी संख्या में गाड़ियां बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों पर पहुंच रही थीं, जिसके चलते सरकार को सख्ती बढ़ानी पड़ी। अधिकारी ने बताया कि यह कदम प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नियम के अनुसार, केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 115 (उप-नियम 7) के तहत हर वाहन के लिए रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद वैध PUC सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है और इसे मांगने पर दिखाना भी जरूरी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस सख्ती के बावजूद अभी भी कई वाहन बिना वैध प्रमाणपत्र के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे राजधानी में प्रदूषण स्तर पर असर पड़ रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि “नो PUC, नो फ्यूल” नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल प्रदूषण मानकों का पालन करने वाले वाहन ही सड़कों पर चलें, ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
दिल्ली सरकार अब इस अभियान को और व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी में है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।





