दिल्ली-एनसीआर

Delhi अस्पताल ने किया जटिल ऑपरेशन

Kiran
24 July 2026 9:47 AM IST
Delhi अस्पताल ने किया जटिल ऑपरेशन
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दिल्ली Delhi एक बयान के अनुसार, दिल्ली के एक अस्पताल ने इथियोपिया के 20 साल के एक युवक की रीढ़ की हड्डी के पास फंसी गोली को लगभग छह साल बाद निकाल दिया, जिससे उसे लगातार हो रहे दर्द और परेशानी से राहत मिली। यह सर्जरी मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत में की गई। डॉक्टरों ने वह गोली निकाली जो पसली के पिछले हिस्से और रीढ़ की हड्डी के जोड़ पर फंसी हुई थी। यह गोली उसे तब लगी थी जब वह इथियोपिया में एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी की चपेट में आ गया था।

अस्पताल के अनुसार, मोहम्मद फैसल जमा स्कूल से लौटते समय घायल हो गया था। गोली उसके कंधे से अंदर गई, छाती के हिस्से से गुजरी और आखिर में रीढ़ की हड्डी के पास जाकर फंस गई। हालांकि रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) को कोई चोट नहीं पहुंची, लेकिन मरीज़ को कई सालों तक लगातार दर्द, झुनझुनी, सुन्नपन और परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल ने बताया कि उसे इस बात का भी लंबे समय तक मानसिक तनाव रहा कि फंसी हुई गोली उसकी रीढ़ की हड्डी या शरीर के अन्य ज़रूरी अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।

अस्पताल ने कहा कि चोट लगने के तुरंत बाद सर्जरी नहीं की गई क्योंकि यह प्रक्रिया जटिल थी और रीढ़ की हड्डी व अन्य ज़रूरी अंगों के पास ऑपरेशन करने में जोखिम था। थोरेसिक सर्जरी और लंग ट्रांसप्लांट के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. कामरान अली की अगुवाई वाली टीम ने यह ऑपरेशन किया। विस्तृत क्लिनिकल और रेडियोलॉजिकल जांच से पता चला कि गोली पसली के पिछले हिस्से और उससे जुड़ी रीढ़ की हड्डियों (वर्टेब्रल स्ट्रक्चर) के जोड़ पर गहराई में फंसी हुई थी, जिसके बाद सर्जिकल टीम ने इसे निकालने की योजना बनाई।

अली ने कहा कि ऐसी गोली को निकालने का फैसला उसकी जगह, उससे जुड़े लक्षणों, ज़रूरी अंगों और नसों से उसकी दूरी, जटिलताओं के जोखिम और मरीज़ की कुल क्लिनिकल स्थिति पर निर्भर करता है। सर्जरी लगभग पांच घंटे तक चली। अस्पताल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद पहले ही दिन मरीज़ को चलने-फिरने लायक बनाया गया, ठीक होने की प्रक्रिया के तहत फिजियोथेरेपी की गई और चार दिन बाद स्थिर हालत में उसे छुट्टी दे दी गई।

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