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Delhi हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, यमुना बाढ़ क्षेत्र में धार्मिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक

Kavita2
12 May 2026 6:02 PM IST
Delhi हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, यमुना बाढ़ क्षेत्र में धार्मिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक
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Delhi दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में किसी भी प्रकार की धार्मिक या व्यावसायिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए जारी किया।

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र में किसी भी तरह की व्यावसायिक या धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि बाढ़ क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्र है, जिसका संरक्षण आवश्यक है। इस क्षेत्र में अनियंत्रित गतिविधियों के कारण प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति की संभावना बढ़ जाती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इस मामले में कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को विशेष निर्देश दिए हैं कि वह यमुना सुर घाट पर किसी भी प्रकार की धार्मिक या व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध सुनिश्चित करे और इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए।

डीडीए को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि भविष्य में इस क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध निर्माण या आयोजन की अनुमति न दी जाए।

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना का बाढ़ क्षेत्र शहर के पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां की प्राकृतिक संरचना पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभाती है।

हाई कोर्ट के इस आदेश को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है, जिससे नदी के किनारे बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, दिल्ली हाई कोर्ट का यह निर्णय यमुना नदी के पारिस्थितिक तंत्र को सुरक्षित रखने और बाढ़ क्षेत्र के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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