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दिल्ली HC ने INA स्मारक याचिका की खारिज

Kiran
1 Oct 2026 8:51 AM IST
दिल्ली HC ने INA स्मारक याचिका की खारिज
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Delhi दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को लाल किले पर इंडियन नेशनल आर्मी (INA) के शहीदों की याद में स्मारक बनाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा स्मारक बनाने का फ़ैसला सरकार की पॉलिसी का मामला है और इसे रिट याचिका के ज़रिए लागू नहीं करवाया जा सकता। चीफ़ जस्टिस डी.के. उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच 'महान स्वतंत्रता सेनानी ललती राम ट्रस्ट' की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में संस्कृति मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) को लाल किले पर स्मारक बनाने के लिए कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता ने 2 अगस्त, 2021 को लोकसभा में केंद्र सरकार के एक लिखित जवाब का हवाला दिया। इस जवाब में कहा गया था कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के हिस्से के तौर पर कुछ प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई थी, जिसमें लाल किले पर INA के शहीदों के लिए स्मारक बनाना भी शामिल था। हालांकि, कोर्ट ने सवाल उठाया कि स्मारक बनाने से जुड़े किसी प्रस्ताव को लागू करने के लिए सरकार को निर्देश कैसे दिया जा सकता है।
चीफ़ जस्टिस ने मौखिक रूप से कहा, "जिन शहीदों की याद में आप स्मारक बनाना चाहते हैं, उनका हर कोई सम्मान करता है, लेकिन क्या यह रिट याचिका का विषय हो सकता है?" बेंच ने यह भी कहा कि सरकार का कोई प्रस्ताव या प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की रिलीज़ के ज़रिए की गई घोषणा अपने आप में कोई ऐसा कानूनी अधिकार नहीं बनाती जिसे लागू करवाया जा सके। कोर्ट ने आगे कहा कि वह केंद्र सरकार को ज़मीन आवंटित करने या स्मारक बनाने से जुड़े किसी पॉलिसी फ़ैसले को लागू करने का निर्देश नहीं दे सकता। कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए ट्रस्ट को संबंधित अधिकारियों के पास एक विस्तृत प्रतिवेदन (रिप्रेजेंटेशन) जमा करने की छूट दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर ऐसा प्रतिवेदन जमा किया जाता है, तो अधिकारी कानून और लागू नियमों के अनुसार उस पर विचार करेंगे और फ़ैसला लेंगे।
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