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Delhi दिल्ली शनिवार को जंतर-मंतर पर छात्र, शिक्षक, कलाकार और मज़दूर अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। वे नोएडा में मज़दूरों के विरोध-प्रदर्शन के बाद गिरफ़्तार किए गए मज़दूरों और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे। आयोजकों का आरोप है कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। यह विरोध-प्रदर्शन 'कैंपेन फॉर द रिलीज़ ऑफ़ वर्कर्स एंड एक्टिविस्ट्स ऑफ़ नोएडा' (CaRWAN) ने आयोजित किया था। यह मंच नोएडा आंदोलन से जुड़ी गिरफ़्तारियों के जवाब में बनाया गया था। इस प्रदर्शन में 'दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइज़ेशन', 'नौजवान भारत सभा', 'रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' और 'प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स लीग' के सदस्य शामिल हुए। दिल्ली यूनिवर्सिटी की रिटायर्ड प्रोफ़ेसर नंदिता नारायण भी समर्थन दिखाने के लिए कुछ देर के लिए वहां पहुंचीं।
इस सभा के ज़रिए कार्यकर्ताओं - सृष्टि, आकृति, मनीषा और रूपेश - की गिरफ़्तारी के दो महीने पूरे होने पर विरोध जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्लेकार्ड उठाए, नारे लगाए और सांस्कृतिक कार्यक्रम किए, जबकि 'प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स लीग' के कलाकारों ने विरोध स्थल के आस-पास की सड़कों पर पेंटिंग बनाई। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बार-बार आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शन के बाद मज़दूरों और कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से निशाना बनाया गया। उन्होंने सभी आरोप वापस लेने और विरोध-प्रदर्शनों व उसके बाद पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में BSc फ़िज़िक्स के छात्र तनुश ने कहा, "हम यहां नोएडा में मज़दूरों के आंदोलन के दौरान जो हुआ और जिस तरह से उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्थिति को संभाला, उसके विरोध में आए हैं।" उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि न्याय में विश्वास रखने वाले हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है कि वे उनके साथ एकजुटता दिखाएं।" CaRWAN से जुड़ीं शिक्षिका और सामाजिक कार्यकर्ता नौरीन ने कहा कि इस अभियान का मकसद उन लोगों पर लोगों का ध्यान बनाए रखना है जो अभी भी जेल में हैं।
"जेल में बंद हमारे साथी अभी भी पूरे हौसले के साथ डटे हुए हैं।" उन्होंने कहा, "वे जेल के अंदर लाइब्रेरी की गतिविधियां चला रहे हैं, बच्चों को कला सिखा रहे हैं और एजुकेशनल प्रोग्राम में मदद कर रहे हैं।" साथ ही, उन्होंने गिरफ्तारियों और पुलिस की कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग भी की।- वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नंदिता नारायण ने गिरफ्तार छात्रों के प्रति समर्थन जताया और एजुकेशनल संस्थानों में लोकतांत्रिक दायरे के सिकुड़ने पर चिंता ज़ाहिर की।
प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स लीग से जुड़ीं आर्टिस्ट और एनिमेटर दीप्ति, जो जेल में बंद एक्टिविस्ट सृष्टि की दोस्त भी हैं, ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद उन आर्थिक मुद्दों को भी उजागर करना था जिनकी वजह से मज़दूरों में असंतोष पैदा हुआ था। उन्होंने कहा, "पूरे मामले की समीक्षा और गहन जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति होनी चाहिए।" प्रदर्शन का समापन भाषणों, गीतों और नारों के साथ हुआ, जिनमें गिरफ्तार मज़दूरों और एक्टिविस्टों की रिहाई, कड़े आरोपों को वापस लेने और नोएडा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।





