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BRICS समिट के लिए दुल्हन की तरह सजी दिल्ली गोल चक्करों से सड़कों तक खास रोशनी

नई दिल्ली: शुक्रवार से शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पूरी तरह तैयार है। सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख इलाकों को आकर्षक रूप दिया गया है। रोशनी से जगमगाते गोल चक्करों, फूलों की सजावट, संवारी गई सड़कों और ब्रिक्स की थीम पर तैयार विशेष साइनबोर्ड से राजधानी की तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है।
नई दिल्ली नगर परिषद ने सम्मेलन से पहले अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक सौंदर्यीकरण अभियान चलाया है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के संभावित आवागमन वाले मार्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़कों की सफाई, हरियाली की देखरेख, फूलों की सजावट और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के जरिए पूरे इलाके को नया रूप दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि पटेल चौक, विंडसर प्लेस, मंडी हाउस, तीन मूर्ति, लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन और प्रधानमंत्री कार्यालय के पास स्थित गोल चक्कर समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सजावटी लाइटें लगाई गई हैं। इन स्थानों पर शाम ढलते ही रंगीन रोशनी दिखाई देने लगती है जिससे आसपास का पूरा क्षेत्र आकर्षक नजर आ रहा है।
एनडीएमसी ने सजावट में आधुनिक एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया है। ये लाइटें पारंपरिक रोशनी की तुलना में कम बिजली की खपत करती हैं और अलग-अलग रंगों तथा पैटर्न में आकर्षक दृश्य तैयार कर सकती हैं। प्रमुख गोल चक्करों और रास्तों के किनारे लगाई गई रोशनी को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि सम्मेलन की थीम के साथ राजधानी की पहचान भी दिखाई दे।
ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों और अन्य विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए जगह-जगह विशेष साइनबोर्ड लगाए गए हैं। इन पर सम्मेलन से संबंधित संदेश और ब्रिक्स की थीम प्रदर्शित की गई है। साइनबोर्डों को प्रमुख मार्गों, चौराहों और उन इलाकों में लगाया गया है जहां से प्रतिनिधिमंडलों के गुजरने की संभावना है।
सेंट्रल दिल्ली की सड़कों को भी सम्मेलन के अनुरूप संवारा गया है। सड़क किनारे मौजूद अनावश्यक सामग्री हटाई गई है और कई स्थानों पर मरम्मत तथा रंग-रोगन किया गया है। फुटपाथ, डिवाइडर और रेलिंग को साफ करने के साथ उनकी आवश्यक मरम्मत भी की गई है। यातायात संकेतकों को स्पष्ट और व्यवस्थित रखने पर भी ध्यान दिया गया है।
फूलों की सजावट इस सौंदर्यीकरण अभियान का प्रमुख आकर्षण है। गोल चक्करों, डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थलों पर रंग-बिरंगे फूलों तथा सजावटी पौधों का इस्तेमाल किया गया है। कई स्थानों पर गमले लगाए गए हैं और पहले से मौजूद हरित क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया है। इससे सम्मेलन स्थलों की ओर जाने वाले रास्ते अधिक साफ और सुंदर दिखाई दे रहे हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का बड़ा कूटनीतिक आयोजन है। इसमें शामिल होने वाले देशों के राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के साथ शहर की प्रस्तुति को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी का केंद्रीय क्षेत्र भारत की प्रशासनिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतिनिधित्व करता है इसलिए इसके सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
एनडीएमसी की टीमों को प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है। कचरा उठाने, सड़क धोने और सार्वजनिक सुविधाओं की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है। सम्मेलन के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी और अधिकारी इन इलाकों में मौजूद रहेंगे।
पटेल चौक और विंडसर प्लेस जैसे इलाके केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण कार्यालयों के नजदीक हैं। मंडी हाउस राजधानी का प्रमुख सांस्कृतिक और यातायात केंद्र है जबकि तीन मूर्ति और लोक कल्याण मार्ग देश के शीर्ष प्रशासनिक तथा राजनीतिक प्रतिष्ठानों से जुड़े क्षेत्र हैं। इन स्थानों पर विशेष सजावट किए जाने से सम्मेलन का माहौल पूरे केंद्रीय क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के पास स्थित गोल चक्कर को भी विशेष रोशनी और सजावट से संवारा गया है। यहां लगाए गए प्रकाश उपकरण रात में आकर्षक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। महत्वपूर्ण मार्गों पर ब्रिक्स थीम वाले संकेतक विदेशी मेहमानों के स्वागत के साथ लोगों को सम्मेलन की जानकारी भी दे रहे हैं।
राजधानी में इतने बड़े आयोजन को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए जा सकते हैं। सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से नियंत्रित हो सकती है। आम लोगों को यात्रा शुरू करने से पहले यातायात पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सलाह देखने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती है।
सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के समय कुछ इलाकों में सुरक्षा जांच बढ़ाई जाएगी। होटल, बैठक स्थल और प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास अतिरिक्त निगरानी रखी जा सकती है। यातायात और सुरक्षा से जुड़े प्रतिबंधों की जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करना उचित होगा।
एनडीएमसी द्वारा लगाए गए ब्रिक्स थीम वाले साइनबोर्ड और सजावटी लाइटें सम्मेलन के लिए तैयार किए गए विशेष शहरी दृश्य का हिस्सा हैं। इन तैयारियों का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों के सामने दिल्ली की आधुनिक और स्वच्छ छवि प्रस्तुत करना है। साथ ही भारत की मेजबानी और सांस्कृतिक स्वागत परंपरा को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
सौंदर्यीकरण के साथ प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है कि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। सम्मेलन के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति में मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन विकल्पों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। लोगों को घर से निकलने से पहले मार्ग और समय की जानकारी लेने की जरूरत पड़ सकती है।
सेंट्रल दिल्ली में की गई सजावट को देखने के लिए स्थानीय लोग भी उत्साहित हैं। रात के समय रोशन गोल चक्कर और फूलों से सजे मार्ग आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होगी।
शुक्रवार से शुरू होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सेंट्रल दिल्ली की बदली हुई तस्वीर आयोजन की भव्यता का संकेत दे रही है। आधुनिक एलईडी रोशनी, फूलों की सजावट और थीम आधारित साइनबोर्ड के जरिए राष्ट्रीय राजधानी विदेशी मेहमानों का स्वागत करने के लिए तैयार है।





