- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- Delhi सिगरेट के भुगतान...

Delhi दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बाहरी उत्तरी दिल्ली के भलस्वा डेयरी में सिगरेट के पांच पैकेट के बदले किए गए एक पेमेंट की वजह से पुलिस नवी मुंबई में नकली नोट छापने वाले एक ठिकाने तक पहुँच पाई और इस गैर-कानूनी काम में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान मुंबई के रहने वाले नटराज मोहन कंचन (62) और विनोद मुन्नीलाल जैसवार (38) तथा दिल्ली के मकसूदपुर के रहने वाले सुभाष चंद्र (55) के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब भलस्वा डेयरी में दुकान चलाने वाले पंकज को 100 रुपये के छह नोटों पर शक हुआ और उसने बीट ऑफिसर हेड कॉन्स्टेबल प्रतीक को इसकी जानकारी दी। ऑफिसर ने सीनियर अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने नटराज मोहन कंचन को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान कंचन ने बताया कि वह पहाड़गंज के एक होटल में ठहरा हुआ था, जहाँ से पुलिस ने 100 रुपये के 180 नकली नोट और 500 रुपये के 13 नकली नोट बरामद किए। आगे की पूछताछ में पता चला कि कंचन ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में चलाने के लिए सुभाष चंद्र को नकली नोटों के सैंपल दिए थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने चंद्र को पकड़ा और उसके पास से 100 रुपये के 10 नकली नोट बरामद किए। जांच के दौरान पुलिस नवी मुंबई, महाराष्ट्र में कंचन के घर तक पहुँची, जहाँ मुंबई पुलिस की मदद से छापा मारकर नकली नोट छापने वाले ठिकाने का पर्दाफाश किया गया।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (बाहरी उत्तरी) शोभित डी. सक्सेना ने कहा, "टीम ने नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, पेपर रोल, खास वॉटरमार्क वाले पेपर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।" जांच के बाद नवी मुंबई रेलवे स्टेशन से विनोद मुन्नीलाल जैसवार को गिरफ्तार किया गया। डीसीपी ने बताया कि उसे इस गिरोह का टेक्निकल मास्टरमाइंड माना जा रहा है, जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके नकली नोटों के टेम्प्लेट डिजाइन करता था और उनकी छपाई में मदद करता था। उन्होंने कहा कि मामले की आगे जांच चल रही है।





